सोलन। कुछ कहानियां शोर नहीं मचातीं, लेकिन चुपचाप इतिहास रच जाती हैं। वे ना तो बड़े मंच से शुरू होती हैं, ना ही चमक-दमक से सजी होती हैं। ऐसी ही कहानियां मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की नींव पर खड़ी होती हैं। जहां सपने सीमित साधनों से नहीं, बल्कि मजबूत इरादों से पूरे होते हैं।
होनहार बेटी ने क्वालीफाई किया UGC-NET
हिमाचल की पहाड़ियों से निकली एक ऐसी ही प्रेरक यात्रा आज सैकड़ों युवाओं के लिए उम्मीद की रोशनी बन गई है। हिमाचल के जिला सोलन स्थित हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की होनहार बेटी यामिनी ने UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण कर एक मिसाल कायम की है।
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नहीं लिया कोचिंग का सहारा
यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच को चुनौती देती है- जिसमें सफलता को महंगी कोचिंग और बड़े संसाधनों से जोड़कर देखा जाता है।खास बात यह रही कि यामिनी ने इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया।
सेल्फ स्टडी कर पास की परीक्षा
यामिनी ने सेल्फ स्टडी, सख्त अनुशासन और आत्मविश्वास को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। हाल ही में आयोजित यूजीसी-नेट परीक्षा में उन्होंने कॉमर्स विषय में सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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दूसरे प्रयास में मिली सफलता
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली यामिनी की यह यात्रा आसान नहीं रही। नियमित अध्ययन, समय का सही प्रबंधन और सकारात्मक सोच उनके संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत बने। असफलता से निराश होने के बजाय, उन्होंने पहले प्रयास से सीख लेकर खुद को और मजबूत किया और दूसरे प्रयास में सफलता को अपने नाम कर लिया।
हजारों युवाओं के लिए बनी प्रेरणा
यामिनी की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार, तो सीमित संसाधन भी कभी बाधा नहीं बनते। उनकी यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो किसी न किसी कारण से खुद को पीछे मान लेते हैं।
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पूरे इलाके में खुशी का माहौल
इस सफलता पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यामिनी की मेहनत और संघर्ष आज के युवाओं को यह संदेश देता है कि सपने देखना ही नहीं, उन्हें पूरा करने का साहस रखना भी जरूरी है। यामिनी की इस सफलता ने मां और दादी को बेहद भावुक कर दिया।
नहीं रोक सकती कोई बाधा
यामिनी का कहना है कि अगर अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार कोशिश की जाए- तो कोई भी बाधा इंसान को उसकी मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती। यामिनी की यह उपलब्धि न सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत है, बल्कि हिमाचल के हर उस युवा के लिए उम्मीद की कहानी है- जो कठिन हालात में भी अपने सपनों को सच करने का साहस रखता है।
