शिमला। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (HRTC) की एक बस हरिपुर-कोटी-क्वाणु-मीनस राजमार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। अब इस हादसे से जुड़े कई अपडेट सामने आ रहे हैं।

कैसे गहरी खाई में समाई HRTC बस

हादसे में घायल हुए लोग आंखों देखा मंजर साझा कर रहे हैं। इस हादसे में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 28 यात्री घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी शामिल हैं।

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अचानक धंस गया डंगा

जानकारी के अनुसार, शिमला जिले के नेरवा डिपो की यह HRTC बस उत्तराखंड होते हुए पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे विकासनगर के पास हरिपुर क्षेत्र में बस एक संकरे मोड़ पर पहुंची, जहां सामने से आ रहे एक ट्रक को पास देने के दौरान सड़क किनारे बना डंगा अचानक धंस गया। देखते ही देखते बस असंतुलित होकर करीब 100 फुट नीचे नाले में जा गिरी।

क्या है हादसे की वजह?

प्रारंभिक जांच और मौके से सामने आई तस्वीरों में हादसे की असली वजह स्पष्ट होती नजर आ रही है। सड़क किनारे पत्थरों से बनी क्रेटवॉल पहले से ही कमजोर थी, जो हालिया बारिश के कारण और ज्यादा जर्जर हो गई थी। जैसे ही बस ने ट्रक को पास देने के लिए किनारे की ओर रुख किया, पूरी क्रेटवॉल बैठ गई और बस नीचे नाले में जा समाई।

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नहीं मिला संभलने का मौका

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस के गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी।

बच्ची की जुबानी हादसे का मंजर

हादसे में घायल एक बच्ची ने बताया कि सामने से आ रहे ट्रक को रास्ता देते समय सड़क का किनारा धंस गया। बच्ची के मुताबिक बस सीधे नीचे जा गिरी और एक महिला उछलकर नाले के पानी में जा गिरी थी। बच्ची को हल्की चोटें आई हैं, लेकिन वह हादसे का दृश्य याद कर अब भी सहमी हुई है।

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मृतकों की पहचान

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रिचा चौहान (30) निवासी बिजमल, नेरवा (शिमला), यास्मीन बेगम (45) निवासी गांव क्यारला, नेरवा (शिमला) और नेपाली मूल के धन बहादुर के रूप में हुई है। हादसे में जान गंवाने वाली रिचा चौहान के पति भी उसी बस में सवार थे, जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं। एक ही परिवार पर टूटे इस दुख ने हर किसी को भावुक कर दिया है।

घायलों का क्या है हाल?

घायलों में से 17 लोग शिमला, 3 देहरादून, 6 बिहार और 2 यूपी के हैं। 14 घायलों को उप जिला अस्पताल, 10 को लेहमन अस्पातल हरबर्टपुर और 3 को पांवटा साहिब भर्ती किया गया है। हादसे में घायल हुआ बस चालक ग्राफिक एरा अस्पताल देहारदून में भर्ती है।

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प्रशासन ने जारी की फौरी राहत

घटना की सूचना मिलते ही DC शिमला अनुपम कश्यप सक्रिय हुए। उन्होंने एडीएम पंकज शर्मा की अध्यक्षता में एक टीम को विकासनगर भेजा, जिसने अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया।

 

प्रशासन की ओर से सभी पीड़ितों को तत्काल राहत राशि जारी कर दी गई है। मामूली रूप से घायल यात्रियों को प्रति व्यक्ति 5 हजार रुपये, रेफर किए गए घायलों को 10 हजार रुपये और मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की गई है।

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सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस हादसे ने पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की हालत और कमजोर क्रेटवॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बारिश के बावजूद ऐसे संवेदनशील मार्गों पर समय रहते मरम्मत और जांच न होना, बड़े हादसों की वजह बनता जा रहा है।

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