हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। गौड़ा क्षेत्र में संचालित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में 29 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
मां-बाप ने री-हैब भेजा था बेटा
मृतक की पहचान साहिल ठाकुर निवासी सरकाघाट, जिला मंडी के रूप में हुई है। साहिल को महज छह दिन पहले ही नशे की लत से छुटकारा दिलाने की उम्मीद के साथ परिजनों ने इस केंद्र में भर्ती करवाया था, लेकिन यह उम्मीद अचानक मातम में बदल गई।
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6 दिन पहले ही किया था एडमिट
जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को साहिल को नशा मुक्ति केंद्र में एडमिट किया गया था। परिजनों का कहना है कि साहिल की हालत में कोई गंभीर समस्या नहीं थी और वे उसके इलाज को लेकर आश्वस्त थे। रविवार दोपहर को अचानक साहिल को केंद्र परिसर में बेहोशी की हालत में पाया गया। केंद्र स्टाफ द्वारा तत्काल उसे हमीरपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सदमे में पूरा परिवार
युवक की अचानक हुई मौत ने न केवल परिजनों बल्कि स्थानीय लोगों को भी झकझोर कर रख दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नशा मुक्ति केंद्र में ऐसा क्या हुआ, जिससे एक युवा की जान चली गई। परिजन केंद्र प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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स्टाफ से हो रही पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की गई। ASP हमीरपुर राजेश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों, स्टाफ और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि युवक की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या किसी तरह की लापरवाही इसमें शामिल है।
किस तरह का मिल रहा था इलाज?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह भी जांच का विषय है कि केंद्र में साहिल को किस तरह का इलाज दिया जा रहा था, उसकी स्वास्थ्य निगरानी कैसे की जा रही थी और क्या मेडिकल प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि केंद्र के पास आवश्यक अनुमति और संसाधन थे या नहीं।
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परिजनों को सौंपा शव
रविवार शाम को पुलिस की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो युवक की मौत के वास्तविक कारणों से पर्दा उठाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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उठ रहे कई सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश में संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली, मरीजों की सुरक्षा और इलाज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि ऐसे केंद्रों की नियमित जांच हो और यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाए तो कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
