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December 16, 2025

हिमाचल: मात्र 21 की उम्र में लेफ्टिनेंट बना नमन कुमार, पहले प्रयास में पास की थी कठिन परीक्षा

भराड़ीघाट के नमन कुमार भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट

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Naman Kumar

सोलन। हिमाचल प्रदेश के कई होनहार अपनी कड़ी मेहनत, लग्न और अनुशासन से देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अलग पहचान बना रहे हैं। यह युवा प्रदेश के बड़े बड़े पदों पर भी अपनी पहुंच बना रहे हैं। ऐसा ही एक बड़ा मुकाम हिमाचल के सोलन जिला के अर्की के होनहार बेटे ने हासिल किया है। इस युवक ने मात्र 21 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली परीक्षा को पास कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद हासिल कर लिया।

देश भर में हासिल किया 14वां स्थान

यह युवक हिमाचल के सोलन जिला के अर्की तहसील के तहत आते भराड़ीघाट गांव का नमन कुमार हैं। 21 साल के नमन कुमार ने कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर भारतीय सेना में अधिकारी बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। नमन ने यूपीएससी द्वारा आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS)  की अत्यंत कठिन परीक्षा को अपने पहले ही प्रयास में पास कर लिया और पूरे भारत में 14वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

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कंधे पर सितारों के साथ नई जिम्मेदारी

सीडीएस में शानदार सफलता के बाद नमन कुमार का चयन भारतीय सैन्य अकादमी में हुआ, जहां उन्होंने कठिन सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के समापन पर जब उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के सितारे सजे, तो वह पल केवल नमन के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व से भर देने वाला था।

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विरासत में मिला देश सेवा का जज्बा

नमन कुमार के लिए सेना केवल एक करियर नहीं, बल्कि विरासत है। उनके पिता नरेंद्र कुमार भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पिता की वर्दी, अनुशासन और देशभक्ति ने नमन के भीतर बचपन से ही सेना में अधिकारी बनने का सपना जगा दिया था। नमन की माता ममता वर्मा ने बेटे की इस उपलब्धि को परिवार के जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण बताया। उनका कहना है कि बेटे को वर्दी में देखकर वर्षों की मेहनत और त्याग सार्थक हो गया।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

नमन कुमार के लेफ्टिनेंट बनने की खबर जैसे ही भराड़ीघाट गांव और अर्की क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। गांववासियों और स्थानीय युवाओं ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। लोगों का कहना है कि नमन की सफलता यह साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं।

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हर युवा के लिए संदेश

नमन कुमार की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो भारतीय सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा का सपना देखते हैं। यह उपलब्धि बताती है कि सपने सभी देखते हैं, लेकिन उन्हें साकार वही कर पाते हैं, जो कठिन परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य पर डटे रहते हैं। हिमाचल का यह होनहार बेटा अब देश की रक्षा की जिम्मेदारी संभालने को तैयार है, और उसकी यह उड़ान आने वाली पीढ़ियों को नई दिशा देने का काम करेगी।

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