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June 3, 2025

हिमाचल : बच्ची को डॉक्टरों ने दिया नया जीवन- जन्म से थी ये बीमारी, परिवार छोड़ चुका था उम्मीद

हिमकेयर योजना ने उठाया खर्च

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चंबा। हिमाचल प्रदेश चंबा जिले के भरमौर की रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची को जन्म से एक दुर्लभ हृदय दोष ASD विद कॉर्ट्रियाट्रियम था। छोटी उम्र से ही तेज़ धड़कन, सांस लेने में तकलीफ और शरीर का नीला पड़ना उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन हिमकेयर योजना और टांडा मेडिकल कॉलेज की टीम ने मिलकर उसे एक नई ज़िंदगी दी।

 

ऑपरेशन की तैयारी और सफल सर्जरी


डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा के सीटीवीएस विभाग ने 27 मई को बच्ची की सर्जरी की। इससे पहले गहन जांच के बाद यह तय किया गया कि ऑपरेशन अत्यंत आवश्यक है। बच्ची के दिल में बड़ा छेद था, कुछ नसों की दिशा असामान्य थी और दिल के कक्षों का आकार सामान्य से बड़ा हो चुका था।

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टीम वर्क का कमाल


इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में कई विशेषज्ञों की टीम शामिल रही। सर्जरी टीम में डॉ. देशबंधु शर्मा, डॉ. विकास पंवार और डॉ. पुनीत शर्मा शामिल थे। एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. भारती गुप्ता, डॉ. अमन शर्मा और डॉ. निधि ने संभाली। साथ में पैरामेडिकल स्टाफ ने भी दिन-रात सेवा दी।

 

हिमकेयर बनी उम्मीद की किरण


बच्ची के परिवार की हालत ऐसी नहीं थी कि वे किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवा सकें। हिमकेयर योजना ने पूरे ऑपरेशन का खर्च उठाया। अब बच्ची की हालत स्थिर है और जल्द ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

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टांडा मेडिकल कॉलेज की बड़ी उपलब्धि


यह सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं, बल्कि हिमाचल में सरकारी चिकित्सा व्यवस्था पर बढ़ते भरोसे की मिसाल है। टांडा मेडिकल कॉलेज का सीटीवीएस विभाग अब नियमित रूप से जटिल हृदय सर्जरी कर रहा है, जिससे राज्य के दूर-दराज़ इलाकों से आने वाले गरीब परिवारों को भी उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधा मिल रही है।

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