#हादसा
January 19, 2026
हिमाचल: चालक की मौ.त पर कंपनी ने ऑफर किया 1 लाख, परिजन बोले- अपनी जेब में रखो; हुआ हंगामा
‘एक लाख’ की पेशकश से भड़का गुस्सा
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बिलासपुर। हिमाचल के बिलासपुर जिले में रविवार तड़के हुआ एक सड़क हादसा देखते ही देखते बड़े जनआक्रोश में बदल गया। स्वारघाट के पास एक ट्रक चालक की मौत के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब रेलवे लाइन निर्माण में लगी कंपनी की ओर से मुआवजे को लेकर असंवेदनशील रवैया अपनाया गया। हालात इतने बिगड़े कि कीरतपुर–नेरचौक–मनाली फोरलेन पर शव रखकर चक्का जाम करना पड़ा।
रविवार तड़के करीब दो बजे स्वारघाट क्षेत्र में बागछाल पुल के समीप एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 49 वर्षीय कुलदीप निवासी गांव धनीपखर, झंडूता (बिलासपुर) के रूप में हुई है। कुलदीप रेलवे लाइन निर्माण से जुड़ी एक कंपनी के ठेकेदार के अधीन टिपर चला रहा था।
हादसे के बाद जब कंपनी के कुछ अधिकारियों ने कथित तौर पर मुआवजे के तौर पर एक लाख रुपये देने की बात कही, तो मौके पर मौजूद लोग भड़क उठे। परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे इंसानी जान का अपमान बताया। इसी गुस्से में पीड़ित परिवार ने लोगों के साथ मिलकर फोरलेन के बीचोंबीच शव रख दिया और यातायात पूरी तरह रोक दिया।
मौके पर मौजूद अन्य चालकों ने भी कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उनसे जर्जर और खतरनाक सड़क पर ओवरलोड वाहन चलवाए जाते हैं, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। उनका आरोप था कि निर्माण कंपनी की मनमानी और लापरवाही के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं।
सूचना मिलने पर एएसपी बिलासपुर शिव चौधरी, एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल चौधरी और तहसीलदार संजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन की मध्यस्थता के बाद कंपनी और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत हुई। काफी देर चले घटनाक्रम के बाद दोनों पक्षों में सहमति बनी।
प्रशासन की मौजूदगी में पीड़ित परिवार को तत्काल दो लाख रुपये की फौरी सहायता देने और नियमों के अनुसार मुआवजा प्रदान करने पर लिखित सहमति बनी। इसके बाद चक्का जाम समाप्त किया गया और यातायात बहाल हो सका।
कुलदीप चार बच्चों का पिता था। परिजनों ने बताया कि वह परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।