#हादसा
April 25, 2026
हिमाचल: जिस टैंक से बुझाता था सबकी प्यास, उसी में तैरती मिली पंप ऑपरेटर की देह, पसरा मातम
पानी के टैंक में गिरा पंप ऑपरेटर, किसी ने नहीं सुनी उसकी छटपटाहट
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शाहपुर (कांगड़ा)। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा से एक ऐसी हृदय विदारक खबर सामने आई हैए जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शाहपुर उपमंडल के धनोटू में जल शक्ति विभाग के एक पंप ऑपरेटर की ड्यूटी के दौरान पानी के टैंक में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। विडंबना देखिए कि जिस स्थान पर वह अपनी रोजी.रोटी कमाने और सरकारी कर्तव्य निभाने पहुंचा थाए वही स्थान उसके जीवन का अंतिम पड़ाव साबित हुआ। इस हादसे ने एक गरीब परिवार से उनका कमाने वाला इकलौता सहारा छीन लिया है।
मृतक की पहचान कुटेहड़ पंचायत के लदवाड़ा गांव निवासी मलकीत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार मलकीत सिंह शुक्रवार को अपनी रोजमर्रा की ड्यूटी के लिए धनोटू स्थित पानी के टैंक पर पहुंचे थे। आशंका जताई जा रही है कि पंप संचालित करते समय अचानक उनका पैर फिसलने से वह टैंक में गिर गया होगा। टैंक के भीतर सिर में चोट लगने और बाहर निकलने का कोई सहारा न मिलने के कारण उसकी डूबने से मौत हो गई।
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हादसे का खुलासा तब हुआ जब अगली शिफ्ट का कर्मचारी ड्यूटी बदलने के लिए वहां पहुंचा। जैसे ही उसने टैंक की ओर देखा, उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। टैंक के भीतर मलकीत सिंह का शव पानी में तैर रहा था। सहमे हुए कर्मचारी ने तुरंत विभाग के आला अधिकारियों और पुलिस को सूचित किया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में मातम पसर गया।
मलकीत सिंह अपने परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत की खबर सुनते ही लदवाड़ा गांव में चूल्हे तक नहीं जले। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि घर से ड्यूटी पर निकला बेटा अब कभी जीवित वापस नहीं लौटेगा। जिस युवक के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी,आज उसी की अर्थी उठते देख हर शख्स की आंखें नम थीं।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए। शाहपुर पुलिस ने जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों की मदद से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या टैंक के पास सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी या यह महज एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था।
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इस हादसे ने जल शक्ति विभाग के फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर पंप ऑपरेटर अकेले सुनसान जगहों पर ड्यूटी करते हैं, जहाँ हादसे की स्थिति में तुरंत मदद मिलना असंभव होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर टैंक के पास सुरक्षा रेलिंग या कोई अन्य कर्मी मौजूद होता, तो शायद मलकीत की जान बचाई जा सकती थी।