#हादसा

February 26, 2025

हिमाचल: कम उम्र के बच्चों से फैक्ट्री में करवाया जा रहा काम- मशीन की चपेट में आई मासूम

कम्पनी के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे लोग

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सोलन। हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां भटोलीकलां स्थित एक उद्योग में काम करने वाली 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की कन्वेयर बेल्ट में फंसने से मौत हो गई। यह हादसा मंगलवार देर शाम हुआ, जब लड़की रोज की तरह अपने काम में लगी हुई थी।

अस्पताल में तोड़ा दम

मृतका की पहचान मुस्कान पुत्री नानेलाल, निवासी वार्ड-1, बिशारतगंज, आवंला, बरेली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वह पिछले दो महीने से इस उद्योग में कार्यरत थी। बताया जा रहा है कि कार्य के दौरान अचानक कन्वेयर बेल्ट में फंसने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पहले उसे तत्काल ईएसआई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के चलते उसे नालागढ़ अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप

इस घटना ने उद्योग प्रबंधन और ठेकेदार की बड़ी लापरवाही को उजागर किया है, क्योंकि किसी भी उद्योग में नाबालिगों को काम पर रखना कानूनन अपराध है। मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जाहिर की है।

 

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भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस महासंघ हिमाचल के अध्यक्ष विक्रम ठाकुर घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन तथा लेबर डिपार्टमेंट के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस उद्योग में पहले भी नाबालिगों को काम पर रखने की शिकायतें की गई थीं, लेकिन संबंधित विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि फैडरेशन पीड़ित परिवार के साथ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।

लेबर विभाग का बयान

लेबर ऑफिसर बद्दी अमित ठाकुर ने कहा कि इस घटना की जानकारी विभाग को अभी तक नहीं मिली थी। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग समय-समय पर उद्योगों में छापेमारी करता है और बाल मजदूरी को रोकने के लिए कड़े प्रयास किए जाते हैं। यदि किसी उद्योग में बाल मजदूरी पाए जाने की पुष्टि होती है, तो उस पर श्रम कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है।

 

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सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

यह घटना न केवल उद्योग में सुरक्षा मानकों की कमी को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि बाल श्रम को रोकने के लिए बनाए गए कानूनों का पालन कितनी सख्ती से किया जा रहा है। यदि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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