#हादसा
January 10, 2026
हिमाचल बस हा*दसा : ग्रामीणों ने झोंकी थी ताकत, हाथों से उठा दी गाड़ी.. पीठ पर सड़क तक पहुंचाए घायल
39 सीटर बस में 75 यात्री थे सवार
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सिरमौर। हरिपुरधार के समीप हुए भीषण बस हादसे के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, वे इंसानियत और साहस की मिसाल बन गईं। हादसा होते ही आसपास के गांवों के लोग और सड़क से गुजर रहे वाहन चालक बिना किसी देरी के मदद के लिए खाई की ओर दौड़ पड़े। चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू कर दिया।
हादसे के बाद बस गहरी खाई में उलटी पड़ी थी और कई यात्री उसके नीचे दबे हुए थे। घायलों की आवाजें सुनकर करीब सौ से अधिक लोग बस के चारों ओर इकट्ठा हो गए। किसी के पास उपकरण नहीं थे, लेकिन सभी के हाथ एकजुट थे।
ग्रामीणों ने मिलकर बस की बॉडी को हाथों से उठाया और नीचे फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। यह दृश्य हर किसी को भावुक कर देने वाला था। घायलों को निकालने के बाद अगली चुनौती उन्हें सड़क तक पहुंचाने की थी। दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के कारण एंबुलेंस तुरंत नीचे नहीं आ सकती थी।
ऐसे में ग्रामीणों ने घायलों को अपनी पीठ पर उठाया, कुछ ने चार-चार लोगों ने मिलकर सहारा दिया और कई घायल शॉल पर लिटाकर सड़क तक पहुंचाए गए। एक स्थानीय व्यक्ति ने घायल बच्चे को कंधे पर उठाकर ऊपर पहुंचाया, जिसकी तस्वीरें अब लोगों के दिलों में बस चुकी हैं।
एक घायल यात्री ने बताया कि हादसे के दौरान बस की छत चेसिस से अलग हो गई, जिससे कई यात्री इधर-उधर छिटक गए। यदि छत पर सवारियां होतीं, तो मौत का आंकड़ा और भयावह हो सकता था। यह हादसा माघी पर्व से ठीक पहले हुआ, जब लोग त्योहार की खरीदारी कर अपने गांव लौट रहे थे। खुशी की यह यात्रा कई परिवारों के लिए गहरे जख्म छोड़ गई।
शनिवार को जिला प्रशासन ने हादसे से जुड़ा बड़ा खुलासा किया। जांच में सामने आया कि हादसे के समय 39 सीटर निजी बस में 75 यात्री सवार थे, यानी बस पूरी तरह ओवरलोड थी।
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उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने पुष्टि की कि इस हादसे में 14 लोगों की मौत हुई है और 61 लोग घायल हैं। एसपी एनएस नेगी ने भी माना कि बस क्षमता से अधिक भरी हुई थी, जबकि हादसे के प्राथमिक कारणों में सड़क पर जमी पाले के कारण स्किड होना बताया जा रहा है।

आरटीओ सिरमौर सोना चंदेल के अनुसार, जीत कोच नाम की यह बस 2008 मॉडल थी, जिसका परमिट, फिटनेस और बीमा वैध पाया गया है। बस का रूट शिमला से सोलन, राजगढ़, नोहराधार, हरिपुरधार होते हुए कुपवी तक निर्धारित था।
शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विनय कुमार, डीसी प्रियंका वर्मा और एसपी एनएस नेगी ने घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।