#हादसा
August 25, 2026
हिमाचल : बैल ने जमीन पर पटका पूर्व फौजी, 1962- 65 और 71 के युद्ध का रहे थे हिस्सा; सम्मान से दी विदाई
बैल के हमले से पुल से नीचे गिरे थे
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हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां पर एक 84 वर्षीय पूर्व सैनिक का निधन हो गया। जिसके बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में दुख का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला हमीरपुर के भोरंज उपमंडल के चंदरूही गांव से सामने आया है। बता दें कि 20 दिन पहले वह बेहना पुल पर लावारिस बैल के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूबेदार और एक अन्य व्यक्ति बेहना पुल से करीब 25 फीट नीचे गिर गए थे।
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इस हादसे में सूबेदार की पसलियां टूट गई थीं और सिर पर भी गंभीर चोट लगी थी। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए पहले एम्स बिलासपुर ले जाया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें फोर्टिस अस्पताल चंडीगढ़ रेफर किया गया था।
काफी समय तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद दो दिन पहले ही उन्हें घर लाया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि घर आने के बाद उनकी हालत में सुधार होगा, लेकिन घर आकर उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान 84 वर्षीय पूर्व सैनिक सूबेदार दिलेराम, निवासी चंदरूही के रूप में हुई है।
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सूबेदार दिलेराम ने भारतीय सेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा की। उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध के अलावा 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी अपनी सेवाएं दी थीं। देश की रक्षा में उनके योगदान को क्षेत्र के लोग हमेशा याद रखेंगे।
सूबेदार दिलेराम का अंतिम संस्कार चंदरूही श्मशानघाट में किया गया। इस दौरान सैकड़ों स्थानीय लोग, परिवार के सदस्य और पूर्व सैनिक मौजूद रहे। उन्हें पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे पवन कुमार शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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सूबेदार दिलेराम के निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, इस घटना ने सड़कों और पुलों पर घूम रहे लावारिस पशुओं की समस्या को एक बार फिर सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस पशुओं को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आगे किसी और व्यक्ति को ऐसे हादसे का शिकार न होना पड़े।