#हादसा
January 6, 2026
हिमाचल : दादी की अस्थियां विसर्जित करने निकला था 10 वर्षीय पोता, ट्रक के नीचे आया- तोड़ा दम
परिवार ने खोए दो सदस्य- पूरे इलाके में पसरा मातम
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां परिवार के साथ दादी की अस्थियां विसर्जन करने जा रहे एक 10 साल के बच्चे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई है। महज दस दिन के अंदर परिवार में दो लोगों की हुई मौत ने परिवार को हिला कर रख दिया है।
बच्चे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बच्चे के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि बच्चा अपनी दादी का बहुत लाडला था। दादी की मौत के बाद वो काफी गुमसुम था। एक ही परिवार में एक साथ हुई दो मौतों के बाद पूरे इलाके में माहौल गमगीन बना हुआ है।
आपको बता दें कि बच्चे के साथ ये दुखद हादसा हरियाणा के यमुनानगर से आगे उत्तर प्रदेश सीमा के पास पेश आया है। बताया जा रहा है कि पालमपुर शहर के वार्ड निवासी कपिल अरोड़ा की माता का हाल ही में निधन हुआ था। परिवार शोक में डूबा हुआ था और धार्मिक परंपराओं के अनुसार उनकी अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित करने जा रहा था।
कपिल अरोड़ा अपने परिवार के साथ निजी वाहन में हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह यात्रा एक मासूम की जिंदगी छीन लेगी।हरियाणा के यमुनानगर से आगे उत्तर प्रदेश सीमा के पास यमुनानगर पुल के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि कपिल अरोड़ा का 10 वर्षीय बेटा वाहन की अगली सीट पर बैठा हुआ था। उसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उनके वाहन को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का दरवाजा खुल गया और मासूम बच्चा संतुलन खोकर सड़क पर जा गिरा। दुर्भाग्यवश वह ट्रक की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे को दादी की अस्थियां विसर्जित करने ले जाया जा रहा था, वही बेटा परिवार से हमेशा के लिए बिछड़ गया।
बताया जा रहा है कि बच्चे का अपनी दादी से बेहद गहरा लगाव था। दादी के निधन से वह पहले ही मानसिक रूप से टूट चुका था और अब उसकी खुद की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया।
मासूम का अंतिम संस्कार पालमपुर में किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। हर आंख नम थी और हर दिल इस सवाल से भरा था कि आखिर इतनी बड़ी त्रासदी एक ही परिवार पर क्यों टूटी।
लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे, लेकिन माता-पिता और परिजनों का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यह हादसा न केवल एक परिवार की खुशियां उजाड़ गया, बल्कि सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।