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July 1, 2025

मंडी में बादल फटने से मची तबाही : अब तक 4 देह बरामद- 16 लापता, मंदिर-घर भी बहे

कई घर बहे, मंदिर और टनल भी ढही, मंडी-हमीरपुर में स्कूल बंद

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himachal flood 2025

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार देर रात कुदरत का कहर टूटा। एक ही रात में मंडी के चार अलग-अलग स्थानोंकुट्टी बाइपास, पुराना बस अड्डा, थुनाग और गोहरमें बादल फटने की घटनाएं हुईं। जिसके बाद पूरे क्षेत्र में जानमाल का खासा नुकसान हुआ है। 

4 लोगों की मौत 16 लापता

जानकारी के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करसोग में 1, धर्मपुर में 1 और गोहर में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुल 16 लोग लापता बताए जा रहे हैं। सबसे भयानक मंजर गोहर के स्यांज गांव में देखने को मिला, जहां दो घरों के साथ-साथ 9 लोग पानी में बह गए। इन लापता लोगों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। फिलहाल एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटी हैं, लेकिन तेज बारिश राहत कार्यों में बाधा बन रही है।

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धर्मपुर में पहाड़ गिरा, पशुधन की भारी हानि

धर्मपुर उपमंडल के स्याठी गांव में एक पूरा पहाड़ खिसक गया। इसके नीचे दो मकान और पांच गौशालाएं दब गईं। इस हादसे में 26 पालतू जानवरों की मौत हो गई, जिनमें भेड़, बकरियां, घोड़े और गायें शामिल हैं।

टनल का हिस्सा ढहा, मजदूरों ने भागकर बचाई जान

मंडी के बिजनी क्षेत्र में निर्माणाधीन फोरलेन टनल का एक हिस्सा बारिश के चलते गिर गया। हादसे के वक्त टनल के अंदर मजदूर मौजूद थे, लेकिन मलबा गिरते ही उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर जांच शुरू कर दी है।

कई घर और मंदिर बहे, स्कूलों में छुट्टी

कुकलाह में बारिश ने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। यहां स्थित माता कश्मीरी मंदिर भी मलबे में समा गया। मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों में हालात को देखते हुए सभी स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।

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अभी और बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला, कुल्लू और सोलन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि प्रशासन राहत और बचाव में जुटा है, लेकिन हर साल मानसून के दौरान इस तरह की तबाही कई सवाल खड़े करती है। क्या समय रहते पहाड़ी इलाकों में चेतावनी प्रणाली और निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा सकता था?

लोगों से अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों और खड्डों से दूर रहें, पहाड़ों पर आवाजाही से बचें और मौसम संबंधी अपडेट्स पर नजर रखें। वहीं पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

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