#हादसा

May 23, 2025

हिमाचल : मासूम के गले में फंसा बादाम, स्वास्थ विभाग की "नाकामी", ना समय पर मिली एंबुलेंस- ना ही इलाज

माता-पिता की इकलौती संतान था मानविक-पसरा मातम

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Kangra News

कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां पर सुगनाड़ा पंचायत में एक ढाई साल के बच्चे की गले में बादाम फंसने के कारण मौत हो गई है। बच्चे की मौत के बाद मां बेसुध हो गई है।

ढाई साल के बच्चे की मौत

परिजनों का कहना है कि बच्चे की जान बच सकती थी। मगर ENT विशेषज्ञ और एंबुलेंस समय पर नहीं मिली- जिस कारण बच्चे की मौत हो गई। बच्चा अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।

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घर पर ही थे माता-पिता

आपको बता दें कि यह दुखद घटना बीते कल सुबह करीब 7 बजे पेश आई है। घटना के वक्त बच्चे मानविक की मां नेहा घर का काम कर रही थी। जबकि, उसके पिता मनदीप सिंह बरामदे में ही बैठा हुआ था। इसी बीच मानविक अकेला ही रसोई में पहुंच गया- जहां कटोरी में बादाम भिगोकर रखे हुए थे।

बच्चे के गले में फंसा बादाम

मानविक ने कटोरी से बादाम उठाकर खा लिया- जो कि उसके गले में अटक गया। इसके बाद मानविक बेहोश होकर वहीं गिर गया। इसी बीच मानविक की मां रसोई में गई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने देखा कि मानिवक बेसुध हालत में पड़ा हुआ था।

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न मिला डॉक्टर, न ही समय से एंबुलेंस

इसके बाद घर पर चीख-पुकार मच गई। मानविक के दादा संतोख सिंह और पिता मनदीप सिंह तुरंत मानविक को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगोरटा सूरियां पहुंचे। मगर वहां पर कोई भी ENT विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहां मौजूद स्टाफ ने मानविक को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

मानविक की मां हुई बेसुध

परिजनों ने बताया कि नगरोटा से टांडा पहुंचने में एंबुलेंस को करीब सवा घंटा से ज्यादा समय लगा। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मानविक को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत के बाद उसकी मां बेसुध हो गई है। जबकि, पूरे गांव में माहौल गमगीन बनी हुई है।

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बच सकती थी जान

मानविक के पिता मनदीप सिंह दिहाड़ीदार हैं और मां नेहा गृहिणी है। मानविक के दादा कि सेवानिवृत्त शिक्षक संतोख सिंह का कहना है कि मानविक की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। उनके घर की रौनक उनका लाडला बेटा उनसे छिन गया है।

 

उन्होंने बताया कि पहले तो उन्हें CHC में कोई ENT डॉक्टर नहीं मिला। उसके बाद एंबुलेंस भी एक घंटा देरी से मिली। अगर समय पर मिलती तो शायद मानविक आज जिंदा होता। वहीं, घटना के लेकर CMO राजेश गुलेरी ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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