#हादसा
April 23, 2026
हिमाचल घूमने आए 16 वर्षीय किशोर की डूबने से मौ*त- 12 घंटे बाद मिली देह, सदमे में परिवार
सुरक्षा इंतजामों पर फूटा लोगों का गुस्सा...
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सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया- जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। चंडीगढ़ से दोस्तों के साथ घूमने आया 16 वर्षीय किशोर नावानगर खड्ड में नहाते वक्त गहरे पानी में समा गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मृतक की पहचान सौरभ कुमार के रूप में हुई है- जो अपने दोस्तों के साथ दोपहर करीब 12:30 बजे खड्ड में नहाने उतरा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ ही देर में हालात अचानक बदल गए।
पानी का बहाव और गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण सौरभ देखते ही देखते डूब गया। साथ मौजूद दोस्त घबरा गए और शाम तक परिवार को इस हादसे की सूचना दी।
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर सौरभ की तलाश शुरू की। हालांकि, देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल पाई। इसके बाद शाम करीब 7 बजे पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद आधिकारिक सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ।
रात होते ही हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए। पुलिस, ग्रामीण और परिजन टॉर्च और सीमित संसाधनों के सहारे पूरी रात खड्ड में सौरभ को ढूंढते रहे। अंधेरे और संसाधनों की कमी ने राहत कार्य को और मुश्किल बना दिया।
बुधवार सुबह NDRF की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान को तेज किया। कुछ घंटों की मशक्कत के बाद किशोर का शव खड्ड से बरामद कर लिया गया। बताया जा रहा है कि सौरभ ने हाल ही में 10वीं की परीक्षा पास की थी और छुट्टियों में दोस्तों के साथ घूमने आया था।
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इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि नावानगर खड्ड लंबे समय से असुरक्षित बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। न तो यहां चेतावनी बोर्ड लगे हैं और न ही नियमित पुलिस गश्त होती है।
लोगों का यह भी आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ लोग यहां नशा करते हैं, जिससे माहौल और ज्यादा असुरक्षित हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी इसी स्थान पर डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार हादसे के बाद ही प्रशासन जागता है।
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ग्रामीणों ने NDRF टीम के देरी से पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि घटना के कई घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। पूरी रात बिना पर्याप्त रोशनी के सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा, क्योंकि इलाके में बिजली की भी सुविधा नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में पूरा सहयोग दिया और मौके पर मौजूद टीमों के लिए भोजन और अन्य जरूरी इंतजाम किए।
घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नालागढ़ अस्पताल भेज दिया है। वहीं ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, नियमित गश्त बढ़ाई जाए और बंद पड़ी पुलिस चौकी को दोबारा शुरू किया जाए।