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September 24, 2024

हिमाचल : घाटे में चल रहे बिजली बोर्ड के लिए सरकार का नया प्लान, जानें

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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सरकार ने राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड की वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन किया है। हाल ही में, इस सब-कमेटी ने बिजली बोर्ड के प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक बोर्ड की वर्तमान वित्तीय स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। सब-कमेटी ने बोर्ड प्रबंधन से आवश्यक जानकारियां मांगी थीं, जो अब उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

सुधार की ओर सरकार का कदम

बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और पावर इंजीनियरों ने भी सब-कमेटी के अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा है। इन कर्मचारियों ने एक संयुक्त मोर्चा बना रखा है, जिसने सब-कमेटी के साथ चर्चा करने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि यदि उन्हें उचित समय दिया जाए तो वे अपने सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे बोर्ड की स्थिति में सुधार संभव हो सके। यह भी पढ़ें : हिमाचल : परिवार ने खोया जवान बेटा, एक दिन पहले ही गया था सबसे मिलकर

बिजली बोर्ड को घाटे से बाहर निकालेगी सरकार

बता दें कि सरकार का मुख्य उद्देश्य बिजली बोर्ड को घाटे से बाहर निकालना है, जिनके कारण बोर्ड की स्थिति खराब हुई है। इसके लिए सरकार विभिन्न आवश्यक कदम उठाने की योजना बना रही है। बिजली बोर्ड प्रबंधन भी इस प्रक्रिया में सुझाव देने के लिए तैयार है, और सब-कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में है। इसके साथ ही, सब-कमेटी ने कुछ अतिरिक्त जानकारियां भी मांगी हैं।

कैबिनेट ने बनाई सब-कमेटी

कैबिनेट सब-कमेटी के अध्यक्ष नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी हैं, और इसमें मंत्री यादविंद्र गोमा भी शामिल हैं। बिजली बोर्ड का घाटा करोड़ों रुपये का है, और उस पर काफी अधिक ऋण भी चढ़ा हुआ है। इस समस्या को सुलझाने के लिए प्रदेश सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जो अच्छे परिणाम ला सकते हैं। यह भी पढ़ें : हिमाचल : महिला ने खा लिया था ज*हर, आठ दिन बाद छोड़ गई दुनिया बिजली बोर्ड के कर्मचारी और अभियंता एक प्रेजेंटेशन तैयार कर चुके हैं, जिसे सब-कमेटी के साथ साझा करने की योजना है। हालांकि, अब तक सब-कमेटी से मिलने का कोई समय नहीं मिला है और केवल एक बैठक ही आयोजित की गई है।

बिजली बोर्ड को मजबूत करने की तैयारी

प्रदेश सरकार की यह इच्छा है कि बिजली बोर्ड को जल्द से जल्द सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इसके लिए कई कड़े निर्णय लेने की संभावना है। इस बीच, बिजली बोर्ड प्रबंधन भी इस दिशा में सहयोग देने के लिए तैयार है, और सभी की निगाहें अब कैबिनेट सब-कमेटी की अगली बैठक पर टिकी हुई हैं। यह भी पढ़ें : राहुल-सोनिया के बाद प्रियंका गांधी ने हिमाचल को कहा बाय, 9 दिन शिमला में ठहरी थीं राज्य बिजली बोर्ड की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार, प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच एक समन्वित प्रयास की आवश्यकता है। सभी पक्षों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा ताकि बिजली बोर्ड को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।

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