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July 6, 2024

इस बार घर गिरा तो 7 लाख मिलेंगे या फिर 1 लाख, जानें क्या कहती है सुक्खू सरकार

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शिमला। हिमाचल में मानसून की दस्तक के साथ ही नुकसान की खबरें भी सामने आने लगी हैं। अभी मानसून का आगाज हुआ है और मौसम विभाग ने अगले 12 जुलाई तक प्रदेश भर में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस अलर्ट को देखते हुए लोग सहम गए हैं।

लोगों के याद आ रहा पिछले साल का भयानक मंजर

लोगों को पिछले साल की तबाही का मंजर याद आ रहा है। हालांकी सुक्खू सरकार ने पिछले साल तबाही के बाद मुआवजा राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की थी और घर गिरने पर लोगों को सात लाख मुआवजा राशि दी गई थी। इस मानसून सीजन भी लोगों को पिछली बार की ही तरह मुआवजा राशि मिलेगी या फिर पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी, अब लोगों के जहन में यह सवाल उठ रहा है।

पुरानी व्यवस्था के तहत मिलेगा मुआवजा

सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मानसून सीजन पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी। यह भी पढ़ें: हिमाचल: रात में मनाया जन्मदिन- सुबह अनाथ हो गई बेचारी, मां-बाप स्वर्ग सिधारे उन्होंने कहा कि अगर इस साल मानसून सीजन में किसी को नुकसान होता है तो उसे पुरानी व्यवस्था के तहत ही मुआवजा राशि मिलेगी। यानी भगवान ना करे कि भारी बारिश से अगर किसी को घर गिर जाता है तो उसे सात लाख नहीं बल्कि पुरानी व्यवस्था के अनुसार एक लाख मुआवजा राशि दी जाएगी।

प्रभावितों को जल्द मिलेगा मुआवजा

मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि इस साल प्रदेश सरकार जल्द ही नुकसान का आंकलन करना शुरू कर देगी और प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। हालांकि प्रदेश में बड़ी आपदा आने पर कैबिनेट बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। यह भी पढ़ें: विक्रमादित्य सिंह के विभाग की नैया डूबी: 404 करोड़ की देनदारी में फंसा PWD का महकमा

पिछले साल 12 हजार घर हुए थे क्षतिग्रस्त

कैबिनेट मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि पिछले साल सदी की सबसे बड़ी आपदा आई थी। उस दौरान जहां 1200 करोड़ का नुकसान हुआ था। वहीं 509 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें से 114 लोगों की भूस्खलन में दबने से मौत हुई थी। 12 हजार से अधिक घरों को नुकसान हुआ था, जिसमें तीन हजार घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए थे। यह भी पढ़ें: हिमाचल के सपूत को “शौर्य चक्र” – बूढ़ी मां और पत्नी हो गए निःशब्द

आपदा पर कैबिनेट में लिया जाएगा फैसला

पिछले वर्ष शताब्दियों का रिकार्ड तोड़ने वाली आपदा पर सुक्खू सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया था। इसका एक बड़ा कारण यह भी था कि इस तरह की आपदा पहले कभी नहीं आई थी। यह भी पढ़ें: हमने डेढ़ साल में 28 हजार सरकारी नौकरियां निकाली, सीएम सुक्खू का दावा सुक्खू सरकार ने आपदा में पीड़ितों को दी जाने वाली मुआवजा राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की थी। पहले जहां घर गिरने पर एक लाख दिया जाता था, सुक्खू सरकार ने उसे सात लाख कर दिया था। अगर इस बार भी कुछ ऐसा होता है तो कैबिनेट बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा।

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