शिमला। हिमाचल प्रदेश दवा निर्माण का हब माना जाता है। देश भर की 70 फीसदी से अधिक दवाएं हिमाचल प्रदेश में तैयार होती हैं। लेकिन पिछले कुछ समस से कई दवाओं के सैंपल फेल हो रहे हैं। अब एक बार फिर हिमाचल में बनी 29 दवाएं और इंजेक्शन गुणवत्ता के पैमाने पर खरी नहीं उतर पाई हैं। बार बार इस तरह से दवाओं के सैंपल फेल होने से उद्योगों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सीडीएससीओ की रिपोर्ट में खुलासा
दरअसल केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन सीडीएससीओ और राज्य दवा नियामकों की जांच में हिमाचल के 22 दवा उद्योगों में बनी 29 तरह की दवाओं और इंजेक्शन गुणवत्ता के पैरामीटर में खरे नहीं उतर पाए हैं। इस बात का खुलासा सीडीएससीओ द्वारा शनिवार शाम को जारी नवंबर माह के ड्रग अलर्ट रिपोर्ट में हुआ है। औषधि मानकों पर खरी नहीं उतरी यह 29 दवाएं हिमाचल प्रदेश के 22 उद्योगों में बनी हैं।
हिमाचल के 22 उद्योगों में बनी हैं यह 29 दवाएं
बता दें कि सीडीएससीओ की नवंबर माह के ड्रग अलर्ट में देश भर के विभिन्न राज्यों में स्थापित दवा उद्योगों में निर्मित 111 दवाओं के सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं। जिसमें हिमाचल के 22 उद्योगों में बनी 29 दवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा दो दवाओं के सैंपल जांच में नकली पाए गए हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : कमरे में अंगीठी जला सोए थे बाप-बेटे, दोनों ने एक साथ त्यागे प्राण
41 दवाए सबस्टैंडर्ड निकली
इसी तरह से सीडीएससीओ की लैब में हुई जांच में 41 दवाए सबस्टैंडर्ड निकली हैं, जिसमें हिमाचल में बनी 16 दवाएं शामिल हैं। जबकि राज्यों की लैब में हुई जांच में 70 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता के पैमाने पर खरे नहीं उतरे हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : खाई में गिरी बस, अमृतसर से चिंतपूर्णी माथा टेकने आए थे श्रद्धालु
उद्योगों को जारी किए नोटिस
मामले की जानकारी देते हुए राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जिन उद्योगों में बनी दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उन उद्योगों को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें नोटिस जारी कर संबंधित दवाओं को बाजार से हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा संबंधित दवा नियंत्रकों से उद्योगों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : जन्मदिन पर छिन गया अदित्य का जीवन- गहरे सदमें में परिवार
इन बीमारियों की दवाओं के सैंपल फेल
- हिमाचल में बनी 29 दवाएं गुणवत्ता में सही नहीं पाई गई हैं। इन 29 दवाओं में हृदय रोग
- आयरन की कमी
- एनीमिया
- खांसी
- मधुमेह
- एसिडिटी
- सूजन
- जीवाणु संक्रमण
- उच्च रक्तचाप
- जीवाणु संक्रमण
- पेप्टिक अल्सर रोग
- दर्द से राहत
- सूखी खांसी
- निमोनिया
- त्वचा की समस्याएं जैसे सेल्युलाइटिस
- कान के संक्रमण
- गैस्ट्रोइसोफेगल रिलक्स रोग के उपचार की दवाएं शामिल हैं।
इन 29 दवाओं का हिमाचल में होता है निर्माण
केंद्रीय औषधि मानकों पर खरी नहीं उतरी हिमाचल की 29 दवाओं का निमार्ण हिमाचल के विभिन्न उद्योगों में होता है। यह उद्योग बद्दी, बरोटीवाला, कालाअंब, पावंटा साहिब, सोलन, ऊना सहित अन्य क्षेत्रों में स्थापित है। इसके अलावा गुजरात, उत्तराखंड, हैदराबाद, चैन्नई, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, जम्मू स्थित दवा उद्योगों में निर्मित 84 दवाएं सबस्टैंडर्ड निकली हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : खाई में गिरी बस, अमृतसर से चिंतपूर्णी माथा टेकने आए थे श्रद्धालु
यह दवाएं निकली हैं सबस्टेंडर्ड
- सीडीएससीओ के ड्रग अर्लट में गैसनुल.ओ सस्पेंशन
- ज़ाइटम.सीवी टेबलेट
- फेरीमैक.एक्सटी टेबलेट
- ओ ब्रो.एक्सएल सिरप
- बिसोपोल.5 टेबलेट
- ओ लॉक्सासिन टेबलेट
- पैनसिड दृ 40
- एसेक्लोफ़ास्ट
- थ्रिकोफ़ कफ सिरप
- कॉफज़ऱ.एलएस सिरप
- केफपॉड 100 ऑरेंज सस्पेंशन
- ओज़ोमेट.पीजी 2 टेबलेट
- क्लेरिथ्रोमाइसिन टेबलेट
- पैंटोप्राज़ोल टेबलेट
- रैबेप्राज़ोल टेबलेट
- इट्राकोनाज़ोल कैप्सूल
- एसोडेंस.एल कैप्सूल
- पैरासिटामोल टेबलेट
- एल्बेंडाज़ोल
- आइवरमेक्टिन ओरल सस्पेंशन
- ग्लिमेप्राइड
- पियोग्लिटाज़ोन हाइड्रोक्लोराइड टेबलेट शामिल हैं।