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October 12, 2026
हिमाचल: पहाड़ों ने ओढ़ी सफेद चादर, बारिश से सड़कें बंद-उड़ानें रद्द; 3 दिन बिजली गिरने का अलर्ट
हिमाचल में 17 अक्टूबर तक बारिश बर्फबारी की चेतावनी, सावधान रहने की अपील
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच बीते रोज प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी ने ठंड का असर बढ़ा दिया है। कई इलाकों में तापमान में सात डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालात ऐसे हैं कि अक्टूबर में ही पहाड़ों पर दिसंबर जैसी सर्दी महसूस होने लगी है।
लाहौल-स्पीति के कुकुमसैरी में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 17 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। वहीं, 13 से 15 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेशवासियों को बारिश और ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
प्रदेश में रविवार को सुबह से ही कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा सहित विभिन्न जिलों में मौसम का असर देखने को मिला। वहीं, रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा दर्रों के अलावा चूड़धार, भरमौर, मणिमहेश और धौलाधार की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। चंबा जिले के मणिमहेश, कुगती, चौबिया और खपरांस सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब 10 सेंटीमीटर तक बर्फ गिरने की सूचना है। बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में भी ठंड बढ़ने लगी है।
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ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसैरी में न्यूनतम तापमान इस सीजन में पहली बार माइनस 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है। शिंकुला, रोहतांग और बारालाचा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पारा दो डिग्री से भी नीचे लुढ़कने की जानकारी सामने आई है। बारिश और बर्फबारी के कारण अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम का यही रुख बना रहा तो आने वाले दिनों में ठंड का असर और बढ़ सकता है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 13, 14 और 15 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। 14 और 15 अक्टूबर को भी मौसम की ऐसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विभाग ने 15 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि, 16 और 17 अक्टूबर के लिए गरज-चमक से जुड़ी ऐसी चेतावनी नहीं दी गई है, जबकि 18 अक्टूबर को मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। इसके बावजूद प्रदेश में 17 अक्टूबर तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना बनी हुई है।
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मौसम विभाग ने सोमवार को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भी खराब मौसम की संभावना जताई गई है। इससे पहले रविवार को शिमला, सोलन और सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट था। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
लाहौल-स्पीति में अचानक हुई बर्फबारी के कारण शिंकुला दर्रे से होकर लाहौल की ओर आ रहे कुछ वाहन रास्ते में फंस गए। इनमें दोपहिया वाहन और छोटी कारें भी शामिल थीं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चलाया। बाइक सवारों को पुलिस ने अपने फोर-बाई-फोर वाहन की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। बर्फ जमने और रास्ते पर फिसलन बढ़ने के कारण दारचा-शिंकुला मार्ग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश में सड़क यातायात और बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग पर झलोगी के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के चलते करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं, लारजी-सैंज मार्ग पर पागलनाला में मलबा आने से वाहनों की आवाजाही घंटों प्रभावित रही। जोगिंद्रनगर में बारिश, अंधड़ और बिजली गिरने से मझारनू फीडर की डिस्क में ब्लास्ट होने की सूचना है। इसके कारण भट्ठा, जोगिंद्रनगर और मझारनू क्षेत्रों में 13 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए। बारिश और खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। दिल्ली से कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे पर आने वाली स्पाइसजेट की एक उड़ान रद्द करनी पड़ी।
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खराब मौसम के बीच सिरमौर जिले के चूड़धार क्षेत्र में दो लोगों के रास्ता भटकने का मामला भी सामने आया। दुर्गम जंगल में फंसे दोनों लोगों को पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। पुलिस को 112 हेल्पलाइन के माध्यम से 10 अक्टूबर की रात सूचना मिली थी। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह के अनुसार, जिला कुल्लू निवासी अजय कुमार को शनिवार रात करीब तीन बजे और सिरमौर निवासी नक्श ठाकुर को रविवार सुबह करीब पांच बजे सुरक्षित निकाला गया। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ने और दृश्यता कम होने के कारण ट्रैकिंग पर जाने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ जाता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के समय खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।