शिमला। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन बढ़ाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को हुई इस घोषणा के अनुसार, पेट्रोल पर कमीशन 65 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 44 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया है। हालांकि, इस वृद्धि के बावजूद ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
डीजल की कीमत में हो सकती है कटौती
पेट्रोलियम कंपनियों ने यह भी बताया कि राज्य के भीतर माल ढुलाई को युक्तिसंगत बनाने के कारण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें घट सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में कीमतों में 4.5 रुपये प्रति लीटर तक की कमी होने की संभावना है।
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8 साल किया संशोधन
सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) ने 29 अक्टूबर को डीलरों को पत्र लिखकर सभी श्रेणियों में डीलर मार्जिन बढ़ाने की जानकारी दी। यह संशोधन लगभग आठ वर्षों के बाद किया गया है। डीलर कमीशन को अंतिम बार अक्टूबर 2016 में संशोधित किया गया था। उस समय इसे 1,868.14 रुपये प्रति किलोलीटर कर दिया गया था।
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डीजल और पेट्रोल की कमीशन दरें बदली
डीलरों को दिए जाने वाले कमीशन में अब पेट्रोल पर उत्पाद बिल योग्य मूल्य का 0.875 प्रतिशत और डीजल पर 1,389.35 रुपये प्रति किलोलीटर की दर से कमीशन शामिल है। इसके अलावा, बिल योग्य मूल्य का 0.28 प्रतिशत भी कमीशन के रूप में मिलता है।
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पेट्रोलियम कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि यह नया संशोधित कमीशन 30 अक्टूबर से प्रभावी होगा, और ग्राहकों को इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। इस निर्णय से डीलरों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा रही है, जबकि उपभोक्ताओं के लिए ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी।