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September 30, 2024

हिमाचल पर मेहरबान मोदी सरकार: खत्म कर दी CM सुक्खू की सबसे बड़ी परेशानी

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शिमला। केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल की सुक्खू सरकार को बड़ी राहत प्रदान की है। या यूं कहें कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सबसे बड़ी मुश्किल को खत्म कर दिया है। हिमाचल सरकार के आग्रह पर केंद्र की मोदी सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने हिमाचल को 500 मिलियन यूनिट बिजली देने का फैसला लिया है। हिमाचल को यह बिजली अनएलोकेटेड रिजर्व (आवंटित नहीं की गई) से मिलेगी

सीएम सुक्खू की क्या थी सबसे बड़ी परेशानी

दरअसल हिमाचल में सर्दियों के समय बिजली की आपूर्ति एक सबसे बड़ी समस्या है। हिमाचल को अक्तूबर से लेकर मार्च तक बिजली की कमी पूरा करने के लिए बैंकिंग करनी पड़ती है या फिर बिजली खरीदनी पड़ती है। जिसके लिए हिमाचल सरकार को भारी भरकम राशि चुकानी पड़ती है। क्योंकि सर्दियों में बिजली महंगे दामों पर खरीदनी पड़ती है। यह भी पढ़ें: मंत्री अनिरुद्ध जयराम ठाकुर पर बरसे- “घर में बेले बैठे कोई काम नहीं है”…

सर्दियों में बिजली खरीदने से खजाने पर पड़ता है बोझ

हिमाचल की सरकारें सालों से या तो बिजली खरीद कर या बैंकिग से ही सर्दियों में बिजली की आपूर्ति करती हैं। जिसमें हिमाचल सरकार के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। वर्तमान की सुक्खू सरकार बैंकिंग को फायदे का सौदा नहीं मानती थी। जिसके चलते ही सुक्खू सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में बदलाव करते हुए केंद्र के ऊर्जा मंत्रालय से इस बारे में चर्चा की और सर्दियों के लिए बिजली का प्रबंध कर लिया। यह भी पढ़ें: हिमाचल: 50 साल बाद चूड़धार में होगा शांद महायज्ञ, 5 क्विंटल फूल से सजेगा मंदिर

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी हिमाचल को बिजली देने को तैयार

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया था कि वह हिमाचल को सर्दियों के लिए अनएलोकेटेड रिजर्व से ऊर्जा मंत्रालय से बिजली दें। सीएम सुक्खू के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए इसे सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को भेजा था। यह भी पढ़ें : देश की रक्षा करते शहीद हुआ हिमाचल का जवान- आज घर पहुंचेगी पार्थिव देह

सरकार को होगी 100 करोड़ की बचत

अब सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने हिमाचल को सर्दियों में बिजली देने पर अपनी सहमति दे दी है। कंेद्र से हिमाचल को मिलने वाली यह बिजली बाजार भाव से प्रति यूनिट डेढ़ से दो रुपए सस्ती मिलेगी। इसमें सरकार की करीब 100 करोड़ की बचत हो जाएगी। यह भी पढ़ें: 15 महीने में 3 करोड़ का लेनदेन- शशि महात्मा से पुलिस ने उगलवाए कई राज

सर्दियों में 1200 यूनिट बिजली की होती है जरूरत

बता दें कि हिमाचल को सर्दियों के लिए करीब 1200 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली चाहिए होती है। इसमें से अब सुक्खू सरकार ने 500 यूनिट बिजली का तो इंतजाम कर लिया है। अब सुक्खू सरकार के पास दूसरी उम्मीद ऊहल बिजली प्रोजेक्ट है। माना जा रहा है कि अगर यह प्रोजेक्ट अगले माह से शुरू हो जाता है तो सर्दियों में बिजली की सारी परेशानी खत्म हो जाएगी। यह भी पढ़ें : ना प्रचार किया, ना मांगे वोट; फिर भी 3 पुरुषों को हराकर चुनाव जीत गई महिला

उद्योगों को जाती है हिमाचल में 70 फीसदी बिजली

हिमाचल प्रदेश में बिजली का 70 फ़ीसदी उपयोग उद्योगों में होता है। करीब 16 लाख घरेलू उपभोक्ता सिर्फ 25 से 30 फ़ीसदी बिजली ही इस्तेमाल करते हैं। हालांकि सुक्खू सरकार ने अभी हाल ही में बिजली की यूनिटों में भी बड़ा बदलाव किया था। उन्होंने जहां बड़े उद्योगों केा मिलने वाली सब्सिडी को खत्म कर दिया था। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट से अधिक बिजली खपत पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।

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