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September 11, 2025
हिमाचल में कब सुधरेंगे लोग ! खराब मौसम में भी ब्यास नदी में नहाने उतर गए दो युवक, बीचों बीच फंसे
एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किए दोनों युवक
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त.व्यस्त कर दिया है। प्रदेश की लगभग सभी प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं। प्रशासन की तमाम चेतावनियों और अपीलों के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हुए खुद को और दूसरों को संकट में डाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला हिमाचल के कुल्लू जिला से सामने आया है। जहां दो युवकों ने ब्यास नदी में नहाने का दुस्साहस किया और बढ़ते जलस्तर के चलते नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गए। गनीमत रही कि समय रहते प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह घटना बीती शाम की है जब कुल्लू जिले के मनाली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कराड़सु गांव के रहने वाले दो युवक देवी चंद और त्रिलोक चंद ब्यास नदी में नहाने के लिए उतर गए। नहाते.नहाते दोनों युवक नदी के बीच बने एक टापू तक जा पहुंचे। लेकिन उसी दौरान ब्यास नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया और दोनों युवक वहीं फंस गए। जैसे-जैसे पानी का बहाव तेज होता गया, टापू तक पहुंचना असंभव हो गया।
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स्थानीय लोगों ने जब दोनों युवकों को नदी के बीच फंसा देखा, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। खबर मिलते ही जिला पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और एक मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
डीसी कुल्लू तोरुल एस रविश ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। हम बार.बार लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस मौसम में किसी भी हालत में नदी.नालों के नजदीक न जाएं। प्रदेश में बारिश लगातार हो रही है और नदियों-नालों का जलस्तर कभी भी अचानक बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग समय-समय पर भारी बारिश और संभावित आपदा को लेकर अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन कुछ लोग अब भी चेतावनियों को नजरअंदाज कर लापरवाही बरत रहे हैं।
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गौरतलब है कि पूरे हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। चंबा, मंडी, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा जैसे जिलों में कई जगहों पर भूस्खलन और सड़कों के बंद होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। नदियों और नालों का जलस्तर सामान्य से काफी ऊपर चल रहा है। इसके चलते जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है, जिसमें लोगों को नदियों-नालों की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सिर्फ पीड़ितों के लिए ही नहीं बल्कि रेस्क्यू टीमों के लिए भी खतरा पैदा करती हैं। आपदा की स्थिति में जहां हर मिनट कीमती होता है, ऐसे में लापरवाही से की गई हरकतें प्रशासनिक संसाधनों और जनशक्ति पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।