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October 5, 2026
हिमाचल में अगले छह दिन बिगड़ेगा मौसम: बारिश-बर्फबारी के साथ अंधड़ का अलर्ट; बढ़ेगी ठंड
कल सात जिलों में बारिश की चेतावनी, बर्फबारी से प्रदेश में बढ़ेगी ठंड
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। अक्तूबर के शुरुआती पांच दिन शुष्क रहने और दिन में गर्मी का एहसास होने के बाद प्रदेश में अगले छह दिनों तक बारिश, बर्फबारी, अंधड़ और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने 6 से 11 अक्तूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार हैं। इस दौरान कुछ जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आने और सुबह-शाम ठंड बढ़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 6 से 9 अक्तूबर के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। 6 अक्तूबर को प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। जबकि बाकी जिलों के लिए कोई अलर्ट नहीं हैं।
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इसी तरह से 7 अक्तूबर को भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला औऱ सिरमौर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आठ अक्टूबर को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन में बारिश के आसार जताए गए हैं और 9 अक्तूबर को प्रदेश के मंडी, शिमला और सिरमौर में ही बारिश की आशंका है।
मंगलवार, 6 अक्तूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 7 से 9 अक्तूबर के बीच भी कुछ क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
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मौसम में बदलाव का असर प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में अधिक देखने को मिल सकता है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के साथ चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना जताई गई है। ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने से आसपास के क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है। वहीं, मध्यम और निचले पहाड़ी इलाकों में बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्तूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून की विदाई सामान्य समय से कुछ दिन देरी से हुई और पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अब पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम बदल सकता है। 6 अक्तूबर से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
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पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। धूप खिलने से मैदानी और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और शाम ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश की गतिविधियों के बाद अधिकतम तापमान में करीब 2 से 5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इससे खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
मौसम में संभावित बदलाव का असर कृषि और बागवानी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। बारिश से जहां कुछ क्षेत्रों में मिट्टी में नमी बढ़ने की संभावना है, वहीं तेज हवाएं, अंधड़ और बिजली गिरने की घटनाएं खड़ी फसलों तथा बागवानी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में किसानों और बागवानों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार 10 और 11 अक्तूबर को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। हालांकि इसके बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में अगले छह दिन प्रदेश के मौसम के लिहाज से अहम रहेंगे। बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट के साथ हिमाचल में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ सकता है।