सोलन। हिमाचल प्रदेश के मेडिसन सेक्टर से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। हिमाचल में बनी 38 दवाइयों के सैंपल फेल हो गए हैं। राज्य ड्रग नियंत्रक ने दवाइयों के स्टॉक को वापस मंगवा लिया है। साथ ही संबंधित दवाइयां बनाने वाली कंपनियों को नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
हिमाचल की दवाइयों के सैंपल फेल
आपको बता दें कि जिन दवाइयों के मानक सही नहीं पाए गए है- उनमें विभिन्न कंपनियों की बुखार, BP, उल्टी, हार्ट, सूजन की दवा आदि शामिल हैं। ऐसे में अगर आप भी ये दवाइयां ले रहे हैं तो तुरंत इसे लेना बंद कर दें।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में नकली पति बन महिला को बनाया टारगेट- मांगे पैसे, बैंक पहुंची तो…
जानकारी देते हुए राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कुमार ने बताया कि केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने कुछ दवाइयों के सैंपल जांच के लिए मांगे थे। जांच के दौरान देश से कुल 90 दवाइयों के सैंपल सही नहीं पाए गए। जिसमें से 38 दवाइयां हिमाचल की हैं।
कौनसी दवाइयों के सैंपल हुए फेल?
- डॉक्सीन कंपनी, झाड़माजरी- सेपकेम (टॉन्सिल)
- चिरोस फॉर्मा, सोलन- सेफोप्रोक्स (जीवाणू संक्रमण)
- टास मेड कंपनी, भटोली कलां- डिवालप्रोक्स के तीन सैंपल (मिर्गी)
- CMG बायोटेक कंपनी, संसारपुर टैरेस, कांगड़ा- बीटा हिस्टीन (चक्कर)
- थियोन फॉर्मास्युटिकल कंपनी, सैणी माजरा, नालागढ़- सेफेक्मीस (बैक्टीरिया)
- स्काई मेप फॉर्मास्युटिकल कंपनी, जुड़ी कलां, बद्दी- बायोसिटामोल (बुखार)
- JM लेबोरेट्री, सुबाथू की गटी- टारविग्रेस (BP)
- सनफाइन कंपनी, लोधी माजरी, बद्दी- सीरप (खांसी)
- मोरपिन लैबरोटरी- मोंटीलुकास्ट (दमा)
यह भी पढ़ें : हिमाचल : 12 साल के बच्चे को आया हार्ट अटैक, नहीं बच पाई जा.न
- विंग बायोटेक, बद्दी- मोंटीलुकास्ट (दमा)
- मट्रिन एवं ब्राउन, मलकू माजरा, बद्दी- स्टेमेरिल इंजेक्शन (उल्टी)
- एलविस फार्मा, किशनपुरा- अल्सिप्रो (पेशाब के संक्रमण)
- केविट फार्मास्युटिकल कंपनी, बद्दी- ट्रिपिसन (सूजन)
- यूनाइटेड बायोटेक कंपनी,बागवानियां- लिपोसोमल (कैंसर)
- प्रिमस फॉर्मास्युटिकल कंपनी, कालाअंब- नेटमाइसिन (फंगल इंफेक्शन)
- मार्टिन एंड ब्राउन, मलकू माजरा- आयरन सुक्रोज (एनीमिया)
- EG फार्मास्युटिकल कंपनी, मंधाला, बरोटीवाला- मेथासोन (सूजन)
- विद्याशाला कंपनी, कालाअंब- रोसूवाईस्टोरिन (कोलेस्ट्रोल)
- शिवा बायोटेक कंपनी, मानपुरा, बद्दी- रेबेप्रोजोल (उल्टी)
यह भी पढ़ें : दिल्ली में डटे CM सुक्खू, अपना दौरा बढ़ाया – यहां जानिए वजह
- मेरिन मेडिकेयर कंपनी, मधाला- एसोक्लोफेनाक (सूजन)
- मलविश आइडल फार्मेसी कंपनी- एनरोपाक्सासिन (एंटीबायोटेक)
- अल्ट्रा ड्रग कंपनी, काठा- रेबोप्रोजोल (उल्टी)
- कोरफेक्स मेडिकर कंपनी, बद्दी- टेलमीसारटन (BP)
- CMG बायोटेक कंपनी, संसारपुर टैरेस, कांगड़ा- सिपरो फ्लोक्सासिन (संक्रमण)
- तनिष्का फॉर्मास्युटिकल कंपनी, नंदपुर, खरुणी- एसोमेप्राजोल (एसिड की मात्रा कम करने की दवा)
- एलवेंटा फॉर्मा, किशनपुरा, बद्दी- एसेक्लोपेन (सूजन)
- ओरिसन फार्मा, ओगली, कालाअंब- एनालाप्रिल (हार्ट)
- नेपचुन लाइफ साइंस, थाना बद्दी- टबिनाफोर्स (फंगल इंफेक्शन)
- कलरेक्स हेल्थकेयर कंपनी, झाड़माजरी- रेबोप्रोजोल (अल्सर)
- मेडिवेल बायोटेक, भटोली कलां- अमोक्सीक्लीन निमोनिया)
- हेल्थ बायोटेक कंपनी, संडोली, बद्दी- अमोक्सीक्लीन (निमोनिया)