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October 15, 2026
हिमाचल के लाहौल में भारी बर्फबारी के बीच फंसे सैंकड़ों पर्यटक, पुलिस ने संभाला मोर्चा; कई सड़कें बंद
भारी बर्फबारी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में फंसे पर्यटकों के लिए देवदूत बनी पुलिस
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कुल्लू/शिमला। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के अलर्ट के बीच मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक ठंड का असर बढ़ गया। लाहौल-स्पीति से लेकर चंबा के ऊंचाई वाले क्षेत्रों तक बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिला। ऊंचे पहाड़ों पर गिरी ताजा बर्फ ने जहां वादियों को सफेद चादर से ढक दिया, वहीं कई सड़क मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हो गया।
लाहौल-स्पीति में भारी हिमपात के कारण गोंदला के समीप करीब 100 वाहन फंस गए, जिनमें सवार सैकड़ों यात्रियों और पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ गईं। माइनस तापमान और हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच फंसे लोगों के लिए हालात चुनौतीपूर्ण हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला और बचाव अभियान चलाकर फंसे वाहनों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर सर्दियों की दस्तक का एहसास करवा दिया है। लाहौल-स्पीति की घाटियों और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने से सड़कें फिसलन भरी हो गईं, जबकि कई संपर्क मार्गों पर आवाजाही रोकनी पड़ी। लगातार बदलते मौसम के बीच पर्यटकों और स्थानीय लोगों को यात्रा के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ा। पहाड़ी इलाकों में तापमान गिरने से ठंड भी बढ़ गई है।
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लाहौल-स्पीति में भारी बर्फबारी के कारण गोंदला के समीप सड़क पर करीब 100 वाहन फंस गए। इन वाहनों में सवार सैकड़ों पर्यटक और यात्री अचानक बदले मौसम के बीच मुश्किल में पड़ गए। सड़क पर बर्फ जमने और फिसलन बढ़ने से वाहनों को आगे बढ़ाना आसान नहीं था। ऊपर से माइनस तापमान और तेज ठंड ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
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जैसे-जैसे समय बीत रहा था, वैसे-वैसे यात्रियों की परेशानी बढ़ने की आशंका भी गहराने लगी। ऐसे हालात में राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू करना जरूरी था। घटना की सूचना मिलने पर लाहौल-स्पीति पुलिस हरकत में आई और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मौके पर पहुंची।
गोंदला के समीप वाहनों के फंसने की सूचना मिलते ही केलांग के डीएसपी केडी शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिस्थितियों का जायजा लेकर बचाव अभियान की रूपरेखा तैयार की। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच पुलिस जवानों ने सड़क से वाहनों को निकालने के लिए प्रयास शुरू किए।
फिसलन भरे मार्ग पर गाड़ियों को सुरक्षित निकालना आसान नहीं था, लेकिन पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए रास्ता खुलवाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 100 वाहनों को सुरक्षित निकालकर उनमें सवार यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इस कार्रवाई के बाद पर्यटकों और अन्य यात्रियों ने राहत की सांस ली।

पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक होने वाला हिमपात कई बार यात्रियों के लिए गंभीर मुश्किलें पैदा कर देता है। गोंदला के समीप भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब घूमने आए पर्यटक और अन्य यात्री बर्फबारी के बीच सड़क पर फंस गए। ऐसे समय में पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डीएसपी केडी शर्मा इससे पहले मनाली में भी तैनात रह चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वहां तैनाती के दौरान भी उन्होंने भारी बर्फबारी और हिमस्खलन जैसी परिस्थितियों में पर्यटकों तथा स्थानीय लोगों की सहायता के लिए अभियान चलाए थे। गोंदला में चलाए गए बचाव अभियान के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पुलिस टीम की तत्परता की सराहना की।
भारी बर्फबारी का असर लाहौल-स्पीति के प्रमुख सड़क मार्गों पर भी पड़ा है। जिला प्रशासन की ओर से 15 अक्तूबर को सुबह आठ बजे जारी सड़क स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दारचा से सरचू, दारचा से शिंकुला और ग्राम्फू से बातल तक सड़कें बंद थीं। बर्फ जमने के कारण इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। दारचा और जिंगजिंग बार के आसपास भी कई वाहनों के फंसे होने की जानकारी दी गई।
प्रशासन की रिपोर्ट में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से दारचा तक सड़क खुली बताई गई थी। रोहतांग दर्रे से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल तक भी यातायात जारी था, लेकिन वहां सुबह छह बजे से शाम पांच बजे तक ही आवाजाही की अनुमति थी। उदयपुर उपमंडल में तांदी से कडू नाला तक सड़क मार्ग खुला था। सुमदो-बातल मार्ग के भी खुले होने की जानकारी दी गई थी।
सड़क की स्थिति बर्फबारी और मौसम के अनुसार तेजी से बदल सकती है। ऐसे में लाहौल-स्पीति जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए रवाना होने से पहले प्रशासन की ताजा एडवाइजरी और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है।
कुल्लू घाटी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की सूचना है। वहीं, रोहतांग दर्रे और कुल्लू-लाहौल की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण 21 अक्तूबर से शुरू होने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई। कुल्लू दशहरा प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल है, ऐसे में मौसम की स्थिति पर आयोजकों और प्रशासन की नजर बनी हुई है। बारिश और ठंड के बीच तैयारियों को व्यवस्थित रखना संबंधित विभागों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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15 अक्तूबर के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में गरज-चमक तथा बिजली गिरने की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया था। 17 अक्तूबर तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी की संभावना जताई गई थी। इसके बाद 18 अक्तूबर से अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान था।
मौसम के बदलते रुख को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बर्फबारी के दौरान बंद मार्गों पर जाने से बचना, प्रशासन के निर्देशों का पालन करना और वाहन में पर्याप्त गर्म कपड़े तथा जरूरी सामान रखना महत्वपूर्ण है।