शिमला। पहाड़ों पर गाड़ी चलाना न सिर्फ ड्राइविंग स्किल की परीक्षा लेता है, बल्कि आपके वाहन के माइलेज पर भी सीधा असर डालता है। अगर आप पहाड़ी इलाकों में गाड़ी चलाते वक्त कुछ अहम बातों का ध्यान रखें, तो आप न केवल ईंधन की खपत को कम कर सकते हैं, बल्कि अपने वाहन के माइलेज को भी बेहतर बना सकते हैं।
1. सही गियर का उपयोग:
पहाड़ों पर ड्राइव करते समय सही गियर का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग ऊंचाई चढ़ते वक्त गाड़ी को हाई गियर में डाल देते हैं, जिससे इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है। ऐसे में बेहतर माइलेज के लिए कम गियर में चलाएं और इंजन को ओवरलोड होने से बचाएं। खासकर चढ़ाई पर पहले या दूसरे गियर का उपयोग करना सही रहता है।
2. गति का नियंत्रण:
गति नियंत्रण में रखना पहाड़ी क्षेत्रों में जरूरी होता है। ज्यादा स्पीड पर बार-बार ब्रेक लगाना ईंधन की खपत को बढ़ाता है। इसलिए, गाड़ी को धीमी और स्थिर गति पर चलाने की कोशिश करें। स्पीड को जरूरत के अनुसार ही बढ़ाएं और कम करें, ताकि माइलेज बेहतर बना रहे।
यह भी पढ़ें : राजपरिवार से आज भी आर-पार की लड़ाई: जानें विक्रमादित्य से क्या बोले अनिल शर्मा
3. इंजन को ना करें ओवररिव:
कई बार चढ़ाई पर इंजन को अधिक ताकत देने के लिए ड्राइवर लगातार एक्सलेरेटर दबाए रखते हैं। इससे ईंधन की खपत तेजी से होती है। गाड़ी को ओवररिव करने से बचें और धीमे, स्थिर तरीके से वाहन चलाएं।
4. टायर प्रेशर सही रखें:
पहाड़ी सड़कों पर गाड़ी का टायर प्रेशर भी माइलेज को प्रभावित करता है। कम टायर प्रेशर से गाड़ी को ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ती है। पहाड़ों पर जाने से पहले टायर प्रेशर की जांच जरूर कर लें और उसे सही स्तर पर रखें।
5. गैरजरूरी लोड से बचें:
यह भी पढ़ें: बागवानों को राहत: अडानी ने बढ़ाए सेब खरीद के दाम, जानें अब कितने में खरीदेगा
गाड़ी में जरूरत से ज्यादा सामान होने से इंजन पर अधिक दबाव पड़ता है और माइलेज घटता है। हमेशा कोशिश करें कि वाहन में हल्का और जरूरी सामान ही रखा जाए, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके।
6. वाहन की नियमित सर्विसिंग:
गाड़ी की नियमित सर्विसिंग से इंजन की कार्यक्षमता बनी रहती है और माइलेज भी बेहतर होता है। पहाड़ों पर जाने से पहले ब्रेक, क्लच, और इंजन की जांच करा लें, ताकि सफर के दौरान कोई समस्या न हो। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप पहाड़ों पर गाड़ी चलाते वक्त माइलेज को बेहतर बना सकते हैं और ईंधन की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।