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March 1, 2026
हिमाचल : होली के दिन मौसम भी बदलेगा अपना रंग, बारिश और तेज हवा का अलर्ट- जानें
इस बार पूरे प्रदेश में सामान्य से 86 प्रतिशत कम बारिश हुई है
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शिमला। हिमाचल में इस बार फरवरी लगभग सूखी बीती है और इसका असर अब खेतों से लेकर पेयजल स्रोतों तक महसूस होने लगा है। रबी फसलें नमी के इंतजार में हैं, बागवान चिंतित हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक जल स्रोत कमजोर पड़ने लगे हैं। सामान्य तौर पर जहां फरवरी में अच्छी बारिश और बर्फबारी से जमीन में नमी भरती है, इस बार बादल आए जरूर, लेकिन बरसे नहीं।
मौसम विभाग के अनुसार फरवरी माह में प्रदेश में औसतन केवल 14.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षा 101.8 मिमी रहती है। इस तरह पूरे प्रदेश में सामान्य से 86 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
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जिला सोलन में सबसे अधिक 96 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। सिरमौर और ऊना में 94-94 प्रतिशत, बिलासपुर में 93 प्रतिशत, कांगड़ा में 90 प्रतिशत और शिमला में 82 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इतनी बड़ी कमी का सीधा असर रबी फसलों, बागवानी और जल स्रोतों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 मार्च से प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहेगा। मैदानी, मध्य और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अगले पांच से सात दिनों तक बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। किसी भी जिले के लिए फिलहाल मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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हालांकि, 4 मार्च की रात से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार होली के दिन से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिल सकता है। अति ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

न्यूनतम तापमान ताबो में माइनस 2.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। साफ मौसम के चलते दिन के तापमान में और बढ़ोतरी के आसार हैं, जबकि सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रह सकती है। अब सबकी निगाहें होली के आसपास सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ पर टिकी हैं, क्योंकि बारिश ही खेतों और जल स्रोतों को नई राहत दे सकती है।