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October 17, 2024

HRTC बसों में अब छोटा बैग ले जाने पर भी वसूला जाएगा किराया- रेट देख लोग दंग

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी बसों में सफर करने वालों को जोर का झटका लगा है। हिमाचल प्रदेश में पथ परिवहन निगम की बसों में अब छोटा सा बैग ले जाने पर भी किराया चुकाना होगा। HRTC ने माल ढुलाई शुल्क में संशोधन में साफ किया है कि अगर कोई सवारी अपने साथ 0 से 5 किलोग्राम का सामान लेकर बस में सफर करती है तो भी उसे किराया देना ही होगा।

सब पर लगेगा शुल्क

नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया है कि 0-5 किलो के वजन वाले सामान का यात्री के किराए का चौथा हिस्सा चुकाना होगा। निगम के प्रबंधक निदेशक रोहन चन्द ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। बता दें कि इस व्यवस्था परिवर्तन से लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : घर के बाहर खेल रही मासूम को HRTC बस ने रौंदा, मची चीख-पुकार

नए शुल्क संरचना के तहत बदलाव

इस नए नियम से माल ढुलाई शुल्क को बढ़ाया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, अगर कोई यात्री अपने साथ 0 से 5 किलोग्राम का सामान ले जा रहा है, तो उसे यात्री किराए का चौथा हिस्सा चुकाना होगा। सामान के वजन के अनुसार शुल्क इस प्रकार होगा: यह भी पढ़ें : हिमाचल में स्क्रब टाइफस ने छीनी दो जिंदगियां, अलर्ट हुआ स्वास्थ्य महकमा
  • 0 से 5 किलोग्राम: किराए का चौथा हिस्सा
  • 6 से 40 किलोग्राम: आधा टिकट
  • 41 से 80 किलोग्राम: पूरा यात्री किराया
अगर कोई यात्री बिना सफर किए बस में सामान भेजता है, तो चार्ज इस प्रकार होगा:
  • 5 किलोग्राम तक: चौथा हिस्सा
  • 6 से 20 किलोग्राम: आधा किराया
  • 21 से 40 किलोग्राम: पूरा किराया
  • 41 से 80 किलोग्राम: दो यात्रियों का किराया
यह भी पढ़ें : हिमाचल : दुकान में सफाई करते विपन को का*टा सांप, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ अब इस व्यवस्था के बाद अगर आप रामपुर से धर्मशाला का सफर 600 रूपए में कर रहे है और आपके पास सामान का वजन 50 किलो का है तो उसे डबल यानि 1200 रूपए चुकाने ही होंगे। यदि यात्री भी उसमें सफर कर रहा है तो भी उसका किराया 1200 ही होगा।

एचआरटीसी का यह निर्णय क्यों?

एचआरटीसी के प्रबंधक निदेशक रोहन चंद ठाकुर ने मंडी, शिमला, कांगड़ा, और हमीरपुर के डिविजनल मैनेजरों को इस नए किराए की जानकारी दी है। यह संशोधन 28 सितंबर 2024 के मद्देनजर निदेशक मंडल के अध्यक्ष की ओर से अनुमोदित प्रस्ताव पर आधारित है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : 16 साल लड़ी हक की लड़ाई, अब लेफ्टिनेंट कर्नल बने रघुवीर इस बदलाव से जहां यात्रियों को सामान ले जाने में अधिक खर्च करना पड़ेगा, वहीं यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सामान की उचित डीलिंग हो और टैक्सी व्यवसायियों को हो रहे नुकसान में कमी आए।

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