शिमला। हिमाचल प्रदेश में रहने वाले शराब के शौकीनों को सुक्खू सरकार द्वारा हाल ही में लागू की गई नईं आबकारी नीति से बड़ा झटका लगा है। दरअसल,पहले सस्ते और काम दामों पर मिलने वाली शराब को अब सूबे में बढ़ी हुई कीमतों पर बेचा जाने लगा है और इसके पीछे का कारण है सरकार द्वारा तय की गई MSP यानी मिनिमम सेलिंग प्राइज।
क्या है MSP और कैसे करती है काम- जानें
आपको बता दें कि नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में बिकने वाली सभी ब्रांड की शराब की न्यूनतम कीमत को तय कर दिया गया है। उदाहराण के तौर पर समझते हैं कि सरकार द्वारा ब्लैक डॉग ब्रांड की शराब की MSP 1254 रुपए तय की गई है, जिसका मतलब ये हुआ कि कोई भी शराब दुकानदार अब ब्लैक डॉग की बोतल 1254 रुपए से कम में नहीं बेचा सकेगा।
तय MSP से भी 30% ज्यादा रेट में मिलेगी शराब
वहीं, अब बताया ये जा रहा है कि शराब दुकानदार MSP से भी अधिक कीमतों पर शराब की बिक्री करने लगे हैं। मगर ये दुकानदार मनमानी कर शराब के ज्यादा दाम ना वसूल कर पाएं इसके लिए आबकारी विभाग ने दुकानदारों को MSP पर 10 से लेकर 30 फ़ीसदी तक एक्स्ट्रा चार्ज वसूलने के निर्देश दिए हैं।
ज्यादा दाम वसूला तो इस नंबर पर करें शिकायत
इसके अलावा आबकारी विभाग द्वारा हिमाचल के अलग अलग जोन के लिए नंबर भी जारी किए गए हैं, जिस पर कॉल कर के उपभोक्ता ज्यादा दाम वसूलने वाले शराब दुकानदारों की शिकायत भी कर सकते हैं।
- कांगड़ा जोन : 01894 230186
- मंडी जोन : 01905 223499
- शिमला जोन : 0177 2620775
किस शराब पर कितना एक्स्ट्रा चार्ज करेंगे दुकानदार
विदेश शराब की बिक्री करने पर दुकानदार एमएससी से 10 फीसदी ज्यादा कीमत वसूल सकते हैं, जबकि देशी शराब और देश में बनने वाली बियर पर 30 फ़ीसदी लाभांश वसूली दुकानदारों के द्वारा की जा सकती है।
देश में बनाई जाने वाली लो ब्रांड की अंग्रेजी शराब 15 फ़ीसदी का मार्जिन और हाई ब्रांड की शराब पर 30 प्रतिशत लाभांश वसूली को आबकारी विभाग द्वारा मंजूरी दी गई है।