शिमला। हिमाचल की कांग्रेस सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। यह झटका हिमाचल हाईकोर्ट ने दिया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने उद्योगों को सब्सिडी खत्म करने के सुक्खू सरकार के फैसले पर फिलहाल स्टे लगा दी है। यानी अब उद्योगों को प्रति यूनिट बिजली पर एक रुपए की सब्सिडी मिलती रहेगी। इस मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर को होगी।
सीएम सुक्खू ने उद्योगों की बंद कर दी थी सब्सिडी
दरअसल हिमाचल की बिगड़ी आर्थिक स्थिति को सुधारने और बिजली बोर्ड को घाटे से बाहर निकालने के लिए हिमाचल की सुक्खू सरकार ने उद्योगों को प्रति यूनिट एक रुपए मिलने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था। यही नहीं घरेलू उपभोक्ताओं को भी 300 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने पर सब्सिडी ना देने का फैसला लिया था।
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अक्तूबर में जारी बिजली बिलों में नहीं मिली थी सब्सिडी
सुक्खू सरकार के आदेशों के अनुसार बिजली बोर्ड ने 12 अक्तूबर को जारी बिजली बिलों में उद्योगों को प्रतियूनिट एक रुपए की सब्सिडी नहीं दी थी। सुक्खू सरकार के इस फैसले पर कई उद्योगों ने आपत्ति जताई थी और सीएम सुक्खू और डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री से मिलकर इस फैसले को वापस लेने की अपील की थी। लेकिन जब सुक्खू सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो उद्योगों के मालिकों ने सुक्खू सरकार के इस फैसले को हिमाचल हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी।
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हिमाचल हाईकोर्ट ने दिया स्टे ऑर्डर
बिजली बोर्ड के सब्सिडी बंद करने को लेकर जारी आदेशों को उद्योगपतियों ने व्यक्तिगत तौर पर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उद्योगपतियों ने राज्य विद्युत विनियामक आयोग से सब्सिडी बंद करने की मंजूरी नहीं लेने का याचिका में हवाला दिया था। हिमाचल हाईकोर्ट ने अलग अलग मामलों की सुनवाई करते हुए अभी तक करीब 50 उद्योगों को स्टे दे दिया है। अब कल यानी गुरुवार को सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होगी।
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50 उद्योगों को मिली राहत
न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकल पीठ ने 29 अक्तूबर को सरकार की ओर से बड़े उद्योगों को एक रुपए सब्सिडी ना देने के फैसले पर रोक लगाई थी। अदालत में अभी तक करीब 50 उद्योगों के मामले में उसी तर्ज पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। उधर, मंगलवार को हुई मामले की सुनवाई के दौरान बिजली बोर्ड की ओर से जवाब दायर कर रोक हटाने का आग्रह किया गया। सरकार और विद्युत विनियामक आयोग ने अभी अपना पक्ष नहीं रखा है।