#राजनीति
September 23, 2026
CM ऑफिस के खर्च पर घमासान, मंत्री गोमा बोले- सुधीर शर्मा के घर से तो कम ही खर्च हुआ
करीब 20 करोड़ की लागत से तैयार हुआ नया भवन
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नए कार्यालय का 21 सितंबर को उद्घाटन हुआ था। नए भवन में मुख्यमंत्री ने कामकाज भी शुरू कर दिया है। लेकिन उद्घाटन के महज दो दिन बाद ही यह कार्यालय सियासी बहस का मुद्दा बन गया है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने नए ऑफिस की लागत और फर्नीचर को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। अब सुक्खू सरकार के कैबिनेट मंत्री यादवेंद्र गोमा ने सुधीर शर्मा के आरोपों पर पलटवार किया है।
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के नए कार्यालय के निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस प्रदेश में सरकार आर्थिक चुनौतियों की बात करती है, वहां मुख्यमंत्री कार्यालय पर इतनी बड़ी राशि खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी।
सुधीर शर्मा ने यह भी कहा कि प्रदेश के इतिहास में किसी मुख्यमंत्री के कार्यालय पर इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने का उदाहरण सामने नहीं आया। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए शिक्षा और विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए धन की कमी का मुद्दा भी उठाया।
सुधीर शर्मा ने नए कार्यालय में लगाए गए फर्नीचर को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि कुछ सोफों की कीमत 6 से 7 लाख रुपये तक बताई जा रही है और इनके बिल भी बनाए गए हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि आर्थिक संकट के दौर में इस तरह के खर्च को किस आधार पर उचित माना जा रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस के लिए धन उपलब्ध न होने का मुद्दा भी उठाया।
सुधीर शर्मा के इन आरोपों पर कैबिनेट मंत्री यादवेंद्र गोमा ने पलटवार किया। गोमा ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नए कार्यालय पर जितना खर्च हुआ है, वह सुधीर शर्मा के घर पर हुए खर्च से कम है। गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय छोटा था और समय की जरूरत के हिसाब से उसे बड़ा किया गया है। उनका कहना था कि नए कार्यालय को लेकर किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है।
मंत्री यादवेंद्र गोमा ने सुधीर शर्मा के फर्नीचर और कार्यालय को लेकर उठाए सवालों पर भी तंज किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में लगाया गया सोफा या बनाया गया ऑफिस मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने घर नहीं ले जाएंगे। गोमा के मुताबिक, भविष्य में मुख्यमंत्री बदलेंगे तो नया मुख्यमंत्री भी इसी कार्यालय का इस्तेमाल करेगा। यानी सरकार का तर्क है कि यह सुविधा किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बल्कि मुख्यमंत्री पद और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए तैयार की गई है।
यादवेंद्र गोमा ने इस मुद्दे से आगे बढ़ते हुए भाजपा पर विकास कार्यों में अड़ंगा डालने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हिमाचल के विकास के लिए केंद्र से पैसा लाने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली जाने के बाद दूसरी स्थिति सामने आती है। गोमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हिमाचल यात्रा के दौरान घोषित राशि का जिक्र करते हुए दावा किया कि घोषणा के बावजूद पैसा अभी तक प्रदेश को नहीं मिला है।
नए मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार एलर्सली फेस-2 भवन करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। छह मंजिला भवन में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय और 40 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था भी बताई गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्घाटन के बाद विपक्ष के फिजूलखर्ची के आरोपों पर कहा था कि यह उनका निजी घर नहीं, बल्कि एक संस्थागत कार्यालय है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में कोई दूसरा मुख्यमंत्री भी इसी कार्यालय में बैठेगा।