नाहन। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां जिला प्रशासन ने चतुर्थ श्रेणी की तीन कर्मचारियों को एक फरमान जारी किया है कि वो सरकारी आवास में पालतू कुत्ते नहीं रख सकते हैं। उपायुक्त कार्यालय से जारी चेतावनी पत्र में इस अजीब फरमान का कारण बताया गया है कि कर्मचारियों द्वारा सरकारी आवास में पालतू कुत्ते रखने से कॉलोनी के अन्य कर्मचारियों को परेशानी होती है।
सात दिन में भगाओ वरना छोड़ना पड़ेगा घर
कर्मचारियों को मिले चेतावनी पत्र के अनुसार अब इन कर्मचारियों को सात दिनों के भीतर ही कुत्तों को सरकारी आवासों से भगाना होगा, ऐसा न करने की स्थिति में उनका आवास का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
महिला कर्मचारियों को जारी इस पत्र में अधिकारी द्वारा दो टूक शब्दों में लिखा हुआ है कि सरकारी आवास में पाले गए कुत्तों के बाहर खुले में घूमते रहने के कारण कॉलोनी में रह रहे कर्मचारियों और उनके परिजनों को खतरा होता है। ऐसे में अगर वो अपने कुत्तों को दूर नहीं भगाती तो उन्हें घर नहीं दिया जाएगा।
तीन महिलाओं को जारी हुआ सरकारी फरमान
सहायक आयुक्त.उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी इस पत्र के बाद अब अजीब स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि जिन कर्मचारियों को यह पत्र जारी किया गया है। वो तीनों ही महिलाएं हैं। इनमें दो के पति नहीं हैं।
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महिलाओं का आरोप उन्हें चेतावनी भी दी जा सकती थी
जानकारों की माने तो ऐसा कोई भी नियम नहीं है कि जिसमें सरकारी कर्मचारियों को सरकारी आवास में कुत्ता पालने की मनाही हो। तीनों महिला कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनका कुत्ता खुले में घूमता है तो उन्हें इस बात की चेतावनी दी जा सकती थी।
क्या कहते हैं सहायक आयुक्त गौरव महाजन
सहायक आयुक्त गौरव महाजन ने सफाई देते हुए कहा कि इन कुत्तों को घर के अंदर नहीं रखा जाता था तथा बाहर खुले में ही छोड़े जा रहे थे। ऐसे में ये लोगों पर हमले की कोशिश भी कर चुके हैं। इस बात की शिकायत मिलने के बाद ही यह कार्रवाई की गई है।