शिमला। हिमाचल प्रदेश के वन निगम में 100 वन वीरों की भर्ती की जाएगी। यह फैसला आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम की 214वीं निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। इस बैठक में कई मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। वही इस निदेशक मंडल की बैठक में 2022-23 के लिए निगम के कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ प्रदान करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
दैनिक भोगियों की 400 रुपए बढ़ाई दिहाड़ी
सरकार के इस फैसले से विभाग के लगभग 227 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वहीं बैठक में निगम के दैनिक भोगियों की दिहाड़ी बढ़ाने का भी बड़ा फैसला लिया गया। दैनिक भोगियों की दिहाड़ी 400 रुपए बढ़ाया गया।
इसी तरह से निगम के सभी कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2024 से चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की एक और किस्त जारी करने और दो साल का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले 80 कर्मचारियों को नियमित करने का निर्णय लिया।
डिपो में रखी लकड़ी के निस्तारण के दिए आदेश
सीएम सुक्खू ने अधिकारियों को निगम के डिपो में रखी गई ईमारती लकड़ी की निस्तारण प्रक्रिया में तेजी लाने के आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। ताकि इस लकड़ी को खराब होने से बचाया जा सके।
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सीएम सुक्खू ने निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि निगम ने वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 2.17 करोड़ रुपएए वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान आठ करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 10.04 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वन विकास निगम पहली बार एफसीए मंजूरी के उपरांत ब्यास नदी से खनन गतिविधियां शुरू करेगा। उन्होंने वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) के प्रथम चरण की मंजूरी के उपरांत रेखागत परियोजनाओं के दायरे में आने वाले पेड़ों को काटने के लिए वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) सहित निगम के अधिकारियों को शक्तियां सौंपने की संभावनाएं तलाशने को कहा, ताकि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
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