#धर्म
November 30, 2025
हिमाचल में कई साल बाद हुआ दो देव भाइयों का दिव्य मिलन- हजारों भक्तों ने लिया आशीर्वाद
दर्शन के लिए लगी भक्तों की भारी भीड़
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मंडी। देवभूमि हिमाचल के लोग देवी-देवताओं को अपने जीवन का अभिन्न अंग मानते हैं। यहां हर गांव का अपना स्थानीय देवी या देवता होता है। जिनका मिलन कई बार सालों के बाद होता है। ऐसा ही एक अद्भुत दिव्य देव मिलन इस बार ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना है।
इसी कड़ी में मंडी जिला के तहत आती ग्राम पंचायत बरोट के देवगढ़ में पाँच वर्ष के बाद दो भाईयों का मिलन हुआ है। इस दुर्लभ संगम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, पाँच साल बाद देवता हुरंग नारायण और पशाकोट का मिलन हुआ है।
इन देव शक्तियों के बीच का संबंध न केवल राजा और वजीर का है, बल्कि बड़े भाई हुरंग नारायण और छोटे भाई पशाकोट का भी माना जाता है। परंपरा के अनुसार हर पांच साल में बड़े भाई देव अपने छोटे भाई के द्वार पर एक दिन के लिए मेहमान बनकर पधारते हैं।
इसी ऐतिहासिक परंपरा का निर्वहन इस वर्ष भी पूरे विधि-विधान और भव्य रीति-रिवाजों के साथ किया गया। हजारों की संख्यासुबह से ही ग्राम पंचायत बरोट क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। में लोग देवगढ़ पहुंचे और दिव्य संगम की प्रतीक्षा में कतारबद्ध होकर खड़े रहे।
जैसे ही दोनों देव शक्तियाँ आमने-सामने आईं, पूरा क्षेत्र ढोल-नगाड़ों, करनालों, शंखनाद और जयकारों की गूंज से भर गया। धार्मिक जोश और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण ने इस पल को और भी अलौकिक बना दिया।
इस दिव्य संगम ने न केवल धार्मिक भावना को सशक्त किया, बल्कि हिमाचल की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की अनमोल झलक भी प्रस्तुत की। आयोजन के दौरान स्थानीय नृत्य टोली, ढोल-नगाड़े, वाद्य वादक और पारंपरिक पोशाकों से सजा दृश्य पूरे क्षेत्र को पर्व की तरह झूमता हुआ दिखा।