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June 28, 2026
श्रीखंड महादेव यात्रा स्थगित! प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला, अस्थायी शिविर- टेंट हटाने के निर्देश
शिव भक्तों को लगा बड़ा झटका, निरीक्षण रिपोर्ट -प्राकृतिक आपदा के चलते लिया फैसला
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कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध और देश की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में गिनी जाने वाली श्रीखंड महादेव यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। लाखों शिवभक्तों की आस्था से जुड़ी इस पवित्र यात्रा को आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा किसी भी धार्मिक आयोजन से अधिक महत्वपूर्ण है और वर्तमान परिस्थितियों में यात्रा का संचालन जोखिम भरा साबित हो सकता है। इस निर्णय के बाद इस वर्ष बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रीखंड महादेव जाने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं को बड़ा झटका लगा है।
जिला प्रशासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कई ऐसे स्थान चिन्हित किए गए जहां पहाड़ी ढलान बेहद कमजोर हो चुकी है। कई हिस्सों में रास्ते संकरे, फिसलन भरे और भूस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील पाए गए। विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में अचानक चट्टानें गिरने, मिट्टी धंसने और रास्ता टूटने का खतरा लगातार बना हुआ है। ऐसे हालात में हजारों श्रद्धालुओं की आवाजाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
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मानसून सीजन के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम पल-पल बदल रहा है। प्रशासन को आशंका है कि भारी बारिश की स्थिति में अचानक बाढ़, मलबा आने और नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में राहत एवं बचाव कार्य चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति में फंसे यात्रियों तक पहुंचना आसान नहीं होगा, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
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प्रशासन ने केवल मौजूदा मार्ग ही नहीं बल्कि संभावित वैकल्पिक रास्तों का भी परीक्षण करवाया। हालांकि विशेषज्ञों ने वैकल्पिक मार्गों को भी सुरक्षित नहीं माना। रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित रास्तों पर भी ढीली मिट्टी, खतरनाक ढलान और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। इसी कारण प्रशासन ने फिलहाल यात्रा को शुरू करने की अनुमति नहीं दी है।
यात्रा स्थगित होने के साथ ही प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर लगाए गए अस्थायी शिविरों, टेंटों, राशन दुकानों और अन्य व्यवस्थाओं को हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। संबंधित विभागों को आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी आदेशों तक किसी भी श्रद्धालु को प्रतिबंधित यात्रा मार्ग में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। पुलिस, राजस्व और वन विभाग की टीमें क्षेत्र में निगरानी रखेंगी। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
जिला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की जान जोखिम में डालकर यात्रा का संचालन नहीं किया जा सकता। मौसम और मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा को लेकर अगला निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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समुद्र तल से करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव को भगवान शिव का पवित्र धाम माना जाता है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु कठिन पर्वतीय रास्तों को पार कर यहां पहुंचते हैं। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन के लिए प्रशासन के अगले निर्णय का इंतजार करना होगा।