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August 7, 2024

हरियाली तीज व्रत आज: एक क्लिक में जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

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नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पाठ-पूजा और व्रत को काफी महत्व दिया गया है। हर व्रत की अपनी एक अलग विधि और खासियत है। हिंदू धर्म में हरियाली तीज हर साल सावन महीने में मनाई जाती है। हरियाली तीज के दिन व्रत रखना लाभकारी होता है। यह व्रत मां पार्वती और भगवान शिव को समर्पित होता है। इस व्रत में कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है।

कब है हरियाली तीज का व्रत?

इस साल हरियाली तीज के दिन शिव योग, परिघ योग और रवि योग का शुभ योग बन रहा है। इस साल हरियाली तीज का व्रत 7 अगस्त यानी आज है। हरियाली तीज को छोटी तीज और श्रावण तीज के नाम भी जाना जाता है। यह भी पढ़ें: 40 हजार की दवा फ्री में देगी सुक्खू सरकार: 42 दवाओं का नहीं लगेगा पैसा

कब है पूजा का शुभ मुहूर्त?

हरियाली तीज पर प्रदोष काल में पूजा करना सबसे उत्तम होता है। हरियाली तीज की तृतीय तिथि की शुरुआत 6 अगस्त को रात 7 बजकर 52 मिनट पर शुरु हुई थी। इस तिथि का समापन 7 अगस्त को रात 10 बजकर 5 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस बार हरियाली तीज 7 अगस्त को ही मनाई जाएगी।

कौन से बन रहे शुभ योग?

हरियाली तीज के दिन परिघ योग सुबह से लेकर रात 11 बजकर 42 मिनट कर रेहगा। रवि योग रात 8 बजकर 30 मिनट से लेकर अगले दिन यानी 8 अगस्त को सुबह 5 बजकर 47 मिनट तक है। जबकि, शिव योग अगले दिन तक रहेगा। यह भी पढ़ें: अंगदान कर चार लोगों को दिया जीवनदान, 18 साल का था हर्ष

हरियाली तीज की खासियत

हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज के व्रत को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति वाला व्रत माना जाता है। हरियाली तीज के दिन सुहागन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए रखा जाता है। जबकि, कुंवारी लड़कियां भी अच्छे वर की कामना के लिए यह व्रत रख सकती हैं।

कैसे रखते हैं हरियाली तीज का व्रत?

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन माता पार्वती ने भगवान शिव को अपनी कठोर तपस्या से प्राप्त किया था। हरियाली तीज में व्रत के दिन सूर्योदय से पूर्व सरगी खाते हैं। फिर सूर्योदय के साथ ही निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। ऐसे में सरगी के समय ही ठीक से पानी पी लें। यह भी पढ़ें: पशुओं का चारा लाने गई थी महिला, ढांक से गिरी नीचे, नहीं बची जा.न इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करें। इस दिन वृक्ष, नदियों और जल के देवता वरुण की भी उपासना की जाती है। हरियाली तीज के व्रत वाले दिन मां पार्वती को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। फिर इसे किसी सुहागन स्त्री को उपहार में दे दें।

क्या है हरियाली तीज पूजन सामग्री?

हरियाली तीज के पूजन की सामग्री में केले के पत्ते, बेल पत्र, अंकव पेड़ के पत्ते, धतूरा, शमी के पत्ते, काले रंग की गीली मिट्टी, धागा, नए वस्त्र, नारियल, कलश, अबीर, चंदन, तेल, घी, कपूर, दही, चीनी, शहद, दूध, पंचामृत और जनेऊ होना चाहिए। जबकि, माता पार्वती के श्रृंगार के लिए महौर, खोल, सिंदूर, चूड़ियां, बिछुआ, मेहंदी, सुहाग पूड़ा, कंघी और कुमकुम जरूर होना चाहिए। यह भी पढ़ें: हिमाचल: फैल रही पीलिया की बीमारी, जानिए क्या है लक्षण- कैसे करें बचाव

किस मंत्र का करें जाप?

हरियाली तीज वाले दिन विवाह संबंधी मनोकामनाों को पूरा करने के लिए हे गौरीशंकर अर्धांगी, यथा त्वां शंकर प्रिया तथा माम कुरु कल्याणी, कान्ताकांता सुदुर्लभाम का श्रद्धापूर्वक 11 माला जाप करें। इस मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करें और संपूर्ण श्रृंगार करके ही करें। मंत्र का जाप शाम को करना सर्वोत्तम होगा।

किन बातों का रखें ध्यान?

हरियाली तीज के व्रत वाले दिन महिलाएं कुछ बातों का खास ख्याल रखें।
  • भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा करें।
  • महिलाओं का साज-श्रृंगार करना बहुत जरूरी है।
  • महिलाओं को काले, सफेद और भूरे कपड़े नहीं पहनने चाहिए।
  • महिलाएं पूजा के समय माता गौरी को श्रृंगार की सामग्री जरूर अर्पित करें।
  • पूरे व्रत में ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

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