ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना में स्थित शक्तिपीठ चिंतपूर्णी के दर पर एक पिता और बेटा दंडवत यात्रा करके पहुंचे हैं। बता दे कि यह यात्रा दोनों ने जालंधर से शुरू की। बता दें कि आजकल नवरात्रि का पर्व चल रहा है। देवी मां को मनाने के लिए भक्त अनोखे संकल्प लेकर मंदिर तक पहुंच रहे हैं।
6 साल के बच्चे ने की दंडवत यात्रा
बता दें कि जालंधर के अंकित खन्ना और उनके छह साल के बेटे राघव खन्ना ने माता चिंतपूर्णी के दरबार तक पहुंचने के लिए दंडवत यात्रा का अनोखा संकल्प लिया। पंजाब के जालंधर निवासी अंकित ने अपने छोटे बेटे के साथ मिलकर यह यात्रा की, जो अन्य श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक बन गई।
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श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक
अंकित खन्ना ने बताया कि उन्होंने माता रानी के आशीर्वाद से इस यात्रा की शुरुआत की है। उनका मानना है कि इस नवरात्रि माता रानी अपने सभी भक्तों की झोलियां भरेंगी। दंडवत यात्रा के दौरान दोनों बाप-बेटे की श्रद्धा और समर्पण ने अन्य श्रद्धालुओं को भी हैरान कर दिया।
मां के प्रति आस्था
चिंतपूर्णी मंदिर की ओर बढ़ते हुए अंकित और राघव की यात्रा ने अन्य श्रद्धालुओं के दिलों में भी उत्साह और श्रद्धा जगाई। उनकी यह अनोखी यात्रा न केवल भक्ति का प्रतीक है, बल्कि एक मजबूत पारिवारिक बंधन का भी प्रतीक है।
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दंडवत यात्रा न केवल व्यक्तिगत श्रद्धा को दर्शाती है, बल्कि यह माता रानी के प्रति आस्था और विश्वास को भी मजबूत बनाती है।
आज नवरात्र का तीसरा दिन
बता दें कि आज नवरात्र का तीसरा दिन है, जिसे मां चंद्रघंटा की आराधना के लिए समर्पित किया गया है। मां चंद्रघंटा को देवी दुर्गा का तीसरा स्वरूप माना जाता है और यह दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
मां चंद्रघंटा की विशेषताएं
मां चंद्रघंटा का स्वरूप बेहद दिव्य है, और उन्हें आधी चंद्रमा के आकार की घंटी के साथ चित्रित किया जाता है। उनका स्वरूप भक्तों को शांति और सुख प्रदान करने वाला होता है। इस दिन भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और मां की कृपा के लिए प्रार्थना करते हैं।
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विशेष पूजा विधि
तीसरे नवरात्र पर भक्त अपने घरों में विशेष पूजा का आयोजन करते हैं। इस दिन उपवास, जप, और माता के भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। श्रद्धालु विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित कर मां चंद्रघंटा से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।
नवरात्रि की महिमा
नवरात्रि का यह पर्व देवी शक्ति की आराधना का प्रतीक है, जो हमें नकारात्मकता से लड़ने और सकारात्मकता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। इस तीसरे नवरात्र पर मां चंद्रघंटा से आशीर्वाद प्राप्त करें और अपनी जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करें।