शिमला। हिमाचल प्रदेश में हुए हालिया सियासी उठापटक से पूर्व ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि सुक्खू सरकार में PWD विभाग का कार्यभार संभाल रहे मंत्री विक्रमादित्य सिंह अपनी माता प्रतिभा सिंह के स्थान पर मंडी लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि, विक्रमादित्य सिंह ने खुद कई दफा इस तरह की अटकलों पर विराम लगाने का प्रयास किया लेकिन बात बनी नहीं।
प्रतिभा सिंह ने दी विक्रमादित्य सिंह को जिम्मेदारी
इस सब के बीच अब एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसे पढने के बाद हर कोई समझ गया है कि विक्रमादित्य सिंह मंडी लोकसभा सीट से बतौर प्रत्याशी नहीं उतरने वाले। दरअसल, देश भर में लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद खुद प्रतिभा सिंह ने मंडी संसदीय क्षेत्र से विक्रमादित्य सिंह को चुनाव प्रभारी नियुक्त कर दिया है।
विक्रमादित्य सिंह को मंडी सीट का प्रभारी बनाए जाने से एक बात तो पूरी तरह साफ़ हो गई है कि वो इस बार के चुनाव में बतौर प्रत्याशी तो नहीं उतरने वाले हैं। हालांकि, वह पर्दे के पीछे रहकर अपनी पार्टी के प्रत्याशी को जितवाने के लिए जोर आजमाइश जरूर करेंगे।
बाकी के तीन जिलों का प्रभारी किसे बनाया गया
- हमीरपुर संसदीय क्षेत्र : मुकेश अग्निहोत्री
- कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र : चंद्र कुमार
- शिमला संसदीय क्षेत्र : रोहित ठाकुर
अन्य नेताओं को कौन-कौन सी जिम्मेदारी मिली
- पब्लिसिटी व पब्लिकेशन : हर्षवर्धन चौहान
- प्रशासनिक व समन्वय : जगत सिंह नेगी
गौर रहे कि लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होने के बाद से सूबे में सियासी उथलपुथल का दौर तेज हो गया है। एक तरफ जहां बीजेपी ने शिमला और हमीरपुर सीट पर अपने प्रत्याशियों को रीपीट करने का ऐलान कर दिया है। जबकि, दो सीटों को भाजपा की तरफ से होल्ड पर रखा गया है।
कांग्रेस ने नहीं घोषित किया है एक भी कैंडिडेट
वहीं, कांग्रेस की तरफसे अभी एक भी कैंडिडेट के नाम का ऐलान नहीं हुआ है। इस सब के बीच प्रतिभा सिंह द्वारा जिम्मेदारियों का आवंटन किए जाने के बाद यह बात साफ़ हो गई है कि उपरोक्त चेहरे बतौर प्रत्याशी इन चुनावों में नहीं उतरने वाले। हालांकि, अब कांग्रेस द्वारा हिमाचल की चारों सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कब किया जाता है। यह देखने वाली बात होगी।