शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा शुरू की गई "मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना" को लोकसभा (केंद्र सरकार) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सराहा है। उन्होंने इस योजना की प्रशंसा करते हुए प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक पत्र भी भेजा है।
सुक्खू सरकार की योजना के मुरीद हुए राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि इस प्रकार की योजनाएं देश के भविष्य को स्वस्थ और समृद्ध बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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आपको बता दें कि सुक्खू सरकार इस योजना को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस उद्देश्य के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया है, जिसमें स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों को भी शामिल किया जाएगा।
क्या है योजना का लक्ष्य?
योजना के विस्तार में गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और तीन साल तक के छोटे बच्चों को भी लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार अब योजना के इस विस्तारित स्वरूप की जानकारी राहुल गांधी को पत्र के माध्यम से देगी।
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कब शुरू की गई थी योजना?
मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना लगभग तीन महीने पहले शुरू की गई थी। इस योजना की घोषणा CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने पिछले बजट भाषण में की थी। योजना का उद्देश्य राज्य के लाखों स्कूली बच्चों को पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करना है।
सरकारी स्कूल के बच्चों को मिलेगा लाभ
इसके तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील के दौरान हफ्ते में एक दिन अंडा या फल उपलब्ध कराए जाते हैं। फलों में सेब या केला दिए जाने का प्रावधान है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं।
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किस-किस को मिलेगा फायदा?
लोगों का कहना है कि यह योजना राज्य के स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के अंतर्गत न सिर्फ बच्चों को पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, बल्कि गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखा गया है।
स्वास्थ्य प्रणाली में होगा सुधार
माना जा रहा है कि यह कदम न सिर्फ वर्तमान पीढ़ी बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के स्वास्थ्य को भी सशक्त करेगा। राज्य सरकार का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि इससे ना केवल बच्चों को बेहतर पोषण मिलेगा, बल्कि राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य प्रणाली में सुधार होगा।