धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के विंटर सत्र का आज पहला दिन है। सरकार पहले दिन लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन से जुड़ा एक अहम विधेयक पेश करने जा रही है। यह बिल राधास्वामी सत्संग ब्यास को राहत देने के लिए लाया जाएगा। जिससे डेरा ब्यास को भोटा अस्पताल की जमीन का मालिकाना हक अपनी सिस्टर ऑर्गेनाइजेशन, महाराज जगत सिंह मेडिकल रिलीफ सोसायटी को देने का रास्ता साफ हो सकेगा।
आज पेश किया जाना है विधेयक
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के मुताबिक, यह विधेयक सदन में पेश किया जाएगा जिस पर सभी की निगाहें रहेंगी। डेरा ब्यास ने राज्य सरकार से आग्रह किया था कि उसे लैंड सीलिंग एक्ट में छूट दी जाए, ताकि वह भोटा अस्पताल की जमीन का मालिकाना हक ट्रांसफर कर सके। इसके लिए लैंड सीलिंग एक्ट में संशोधन आवश्यक है।
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मंत्रियों के बीच सहमति नहीं
सरकार के लिए यह संशोधन आसान नहीं होगा, क्योंकि कैबिनेट में इस मुद्दे पर मंत्रियों के बीच सहमति नहीं है। वर्तमान में, हिमाचल प्रदेश में केवल राधास्वामी सत्संग डेरा ब्यास को ही लैंड सीलिंग एक्ट में छूट मिली हुई है जिसके पास राज्य में करीब छह हजार बीघा जमीन है। 2017 में डेरा ब्यास ने सरकार से अपनी सरप्लस जमीन बेचने की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन उस समय मामला सिरे नहीं चढ़ सका।
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राष्ट्रपति भवन से मंजूरी मिलने के बाद कानून होगा लागू
हालांकि, डेरा ब्यास को लैंड सीलिंग एक्ट में छूट मिली हुई है। मगर, इस छूट के तहत वह अपनी जमीन को न तो ट्रांसफर कर सकता है न ही उसे लीज, गिफ्ट या मार्टगेज कर सकता है। अगर यह विधेयक विधानसभा से पास होता है, तो इसे राष्ट्रपति भवन से मंजूरी मिलने के बाद ही लागू किया जा सकेगा।
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सरकार से मांगी है राहत
उल्लेखनीय है कि डेरा ब्यास ने सरकार से यह राहत मांगी थी कि अगर उन्हें लैंड सीलिंग एक्ट में छूट नहीं मिलती, तो वे भोटा अस्पताल को बंद कर देंगे। इस पर CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आश्वासन दिया था कि विंटर सत्र के पहले दिन यह बिल लाया जाएगा, जिसके बाद भोटा अस्पताल फिर से सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।