#राजनीति
May 5, 2025
हिमाचल सरकार बंद करने जा रही HRTC के 450 रूट, रोजगार पर संकट- जानें पूरी खबर
निगम का घाटा 2200 करोड़ के पार, बस फ्लीट घटाने की तैयारी में प्रबंधन
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था एक और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। HRTC ने परिवहन विभाग को 450 घाटे वाले रूटों को सरेंडर करने का प्रस्ताव भेजा है। यह कदम निगम के बढ़ते घाटे और कम होती आर्थिक क्षमता के बीच उठाया गया है।
इससे पहले निगम द्वारा भेजी गई अधूरी सूची को परिवहन विभाग ने सुधार के लिए वापस भेजा था, जिसमें अब जरूरी संशोधन करके दोबारा फाइल भेज दी गई है। इन रूटों को पहले ही कैबिनेट से सरेंडर करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन अब संशोधन के बाद अंतिम प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन रूट के बंद होने के बाद बेरोजगारों को चिंता सताने लगी है। जहां एक ओर रूट बंद होने से आम आदमी परेशान होगा वहीं रोजगार के अवसरों पर भी सीधे तौर पर प्रभाव पड़ेगा।
रूट कमेटी की निगरानी में होगा अगला कदम
HRTC निदेशक मंडल की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। अब निगम प्रबंधन ने प्रस्ताव तैयार कर रूट फॉर्मूलेशन कमेटी को भेज दिया है। यह कमेटी इन रूटों की छंटनी करेगी और देखेगी कि उनमें कोई खामी तो नहीं है। इसके बाद परिवहन विभाग इन रूटों को विज्ञापित करेगा और इच्छुक निजी ऑपरेटरों से आवेदन मांगेगा।
निजी ऑपरेटर नहीं दिखा रहे रुचि
हालांकि पिछली बार सरेंडर किए गए 162 रूटों में से अभी तक केवल 30 रूट ही निजी ऑपरेटरों द्वारा लिए गए हैं। घाटे की वजह से निजी कंपनियां इन रूटों में रुचि नहीं दिखा रही हैं। HRTC ने स्पष्ट किया है कि जब तक निजी बसें इन रूटों पर नहीं चलतीं, तब तक निगम अपनी सेवाएं जारी रखेगा।
बस फ्लीट आधा करने की योजना
HRTC के पास फिलहाल 3180 बसें हैं जो रोज़ाना 5.60 लाख किलोमीटर का सफर तय करती हैं। निगम पर 2200 करोड़ का घाटा हो चुका है। इसे कम करने के लिए अब फ्लीट को 50 प्रतिशत तक घटाने पर विचार किया जा रहा है। पहले निगम के पास 1500 बसों का बेड़ा था और तब आर्थिक स्थिति संतुलित थी।
सीएम सुक्खू भी हो चुके हैं बैठक में शामिल
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस मामले में निगम अधिकारियों के साथ बैठकों में भाग ले चुके हैं। सरकार की मंशा घाटे को कम करने और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने की है।