शिमला। जम्मू-कश्मीर में हालिया चुनाव में नेशनल कांफ्रेंस पार्टी और कांग्रेस की जीत के बाद, उमर अब्दुल्ला दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन बेहद कम लोग ये जानते होंगे कि उमर अब्दुल्ला का हिमाचल से भी खास कनेक्शन रहा है। बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने कसौली के प्रतिष्ठित लॉरेंस स्कूल सनावर से अपनी पढ़ाई की है, जहां से उन्होंने 1989 बैच में स्नातक किया था।
लॉरेंस स्कूल पहुंचे थे उमर
पिछले सप्ताह ही उमर अब्दुल्ला लॉरेंस स्कूल सनावर के 177वें स्थापना दिवस के मौके पर वहां पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने दोस्तों के साथ चुनावी थकान मिटाई और पूर्व छात्रों के मार्च पास्ट में भी भाग लिया।
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उमर अब्दुल्ला ने इस मौके पर कहा था कि वह चुनावी थकान को मिटाने के लिए कसौली और शिमला आए हैं। स्कूल पहुंचे उमर ने विश्वास जताया था कि वे इस चुनाव को जीत रहे है। हालांकि बाद में हुआ भी ऐसा ही।
कसौली में की यादें ताजा
लॉरेंस स्कूल की अपनी यात्रा के दौरान, उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अपने स्कूल में पहुंचकर उनकी पुरानी यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कसौली में हुए बदलावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले जहां कुछ ही इमारतें थीं, अब चारों ओर होटल इंडस्ट्री का विस्तार हो गया है। उस समय उमर अब्दुल्ला दो दिनों तक कसौली में रहे और फिर वहां से लौट गए।
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दोनों सीट से जीतें उमर
बता दें कि उमर अब्दुल्ला कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म ब्रिटेन में हुआ। उमर जम्मू और कश्मीर के अब तक के सबसे युवा और प्रदेश के 11 वें मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
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उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर 5 जनवरी 2009 को गठबंधन सरकार बनाई। 2014 के विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी की हार हुई। उन्होंने सोनवार तथा बीरवाह सीटों से चुनाव लड़ा। जिसमें बीरवाह सीट से वे विधायक निर्वाचित हुए। इस बार गांदरबल और बड़गाम में उमर अबदुल्ला की जीत हुई।