शिमला। हिमाचल में कांग्रेस चारों लोकसभा सीट हार गई थी। कांग्रेस हाईकमान इस करारी हार पर मंथन कर रहा है। दिल्ली से एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाकर हिमाचल भेजी गई है। इस फैक्ट फाइंडिंग कमेटी में पूर्व सांसद पीएल पुनिया और सांसद रजनी पाटिल शामिल हैं। यह दोनों नेता हमीरपुर और मंडी संसदीय क्षेत्र के बाद आज मंगलवार को कांगड़ा चंबा और शिमला संसदीय क्षेत्रों में नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों पर फीडबैक ले रहे हैं।
देरी से टिकट आवंटन होना हार का सबसे बड़ा कारण
हिमाचल के अधिकतर नेताओं ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्यों के सामने हाईकमान में ही कमियां निकाल दी हैं। उनका कहना है कि टिकट आवंटन में देरी सबसे बड़ा हार का कारण है।
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बीजेपी ने मंडी व हमीरपुर में 23 मार्च को टिकट की घोषणा कर दी। जबकि कांग्रेस ने 39 दिन बाद 30 अप्रैल को टिकटों की घोषणा की। भाजपा के नेता इन 39 दिनों में 3 राउंड में 69 छोटी बड़ी चुनावी जनसभाएं कर चुके थे।
कांगड़ा में बाहरी नेता को टिकट देना बना हार का कारण
इसी तरह से कांगड़ा जिला के नेताओं ने हार के लिए अंतिम समय में आनंद शर्मा के नाम की घोषणा को बताया। उनका कहना था कि आनंद शर्मा शिमला के रहने वाले थे और दिल्ली में सक्रिय हैं। ऐसे में उन्हें कांगड़ा से टिकट देकर हाइकमान ने सबसे बड़ी गलती की। वहीं शुरूआत में कांगड़ा को एक मंत्री पद मिलना भी कांगड़ा सीट की हार का कारण बना।
हिमाचल के नेताओं ने बताए ढेरों कारण
हार के कारणों पर फीडबैक ले रही टीम के सामने हिमाचल के नेताओं ने खुलकर अपने विचार रखे। इस दौरान जहां टिकटों के आवंटन में देरी को कारण बताया गया। वहीं कांग्रेस नेताओं ने हिमाचल सरकार पर अफसरशाही के हावी होने के भी आरोप लगाए। वहीं संगठन और सरकार के बीच तालमेल ना होना, कांगड़ा को शुरूआत में एक ही कैबिनेट रैंक मिलना और एकजुट होकर चुनाव ना लड़ने को कारण बताया।
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कमेटी हाईकमान को सौंपेगी रिपोर्ट
इसी तरह से कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता ने राम मंदिर के नाम पर भी भाजपा के पक्ष में ज्यादा मतदान किया। जबकि भाजपा ने इन चुनावों में पानी की तरह पैसा बहाया था। बता दें कि फैक्ट-फाइडिंग कमेटी ने दो दिन तक हिमाचल के सभी बडे छोटे नेताओं से चर्चा कर हार के कारणों पर चर्चा की है।
ये हैं हार के मुख्य कारण
जिसमें नेताओं ने सरकार व संगठन में समन्वय नहीं होने, टिकट आवंटन में देरी, पार्टी नेताओं की अनदेखी, सरकार में एक गुट विशेष के लोगों की ताजपोशी, बेलगाम अफसरशाही, मोदी फैक्टर और राम मंदिर जैसे मुद्दे को हार की वजह बताया है। हिमाचल के नेताओं से बात करने के बाद अब कमेटी एक रिपोर्ट तैयार कर इसे आलाकमान को सौंपेगी।