#राजनीति
May 30, 2025
सुक्खू सरकार का एक और पद संकट में- HC ने केवल सिंह पठानिया को भेजा नोटिस, जानें क्या है मामला
केवल सिंह पठानिया को नोटिस जारी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में डिप्टी व्हिप पद को चुनौती देने वाली बहुप्रतीक्षित याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने वर्तमान डिप्टी व्हिप केवल सिंह पठानिया को नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के जरिए कोर्ट ने उनके वर्तमान पद की संवैधानिक वैधता पर जवाब मांगा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीश मनीकटाला ने याचिकाकर्ता की ओर से बहस करते हुए कोर्ट को बताया कि साल 2018 में प्रदेश सरकार ने विधानसभा में एक कानून पारित कर मुख्य व्हिप और डिप्टी व्हिप जैसे राजनीतिक पदों की नींव रखी। इन पदों को कैबिनेट दर्जे की सुविधाएं देने का भी निर्णय लिया गया। मनीकटाला ने तर्क दिया कि यह पूरी कवायद सिर्फ राजनीतिक लाभ देने के उद्देश्य से की गई, न कि संविधान सम्मत या प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर।
याचिका में उल्लेख किया गया है कि 2018 में जब यह कानून बना, उस समय राज्य पर 41 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था। अब छह साल बाद यह कर्ज बढ़कर 90 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक कर्जग्रस्त राज्य को राजनीतिक पदों पर अतिरिक्त बोझ डालना चाहिए?
याचिकाकर्ता का आरोप है कि राज्य में चाहे किसी भी दल की सरकार रही हो, सत्ता में सामंजस्य बनाए रखने और असंतोष को साधने के लिए इस तरह के पद गढ़े जाते रहे हैं। ऐसे पदों के जरिए न केवल राज्य की माली हालत पर असर पड़ता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक सीमाओं को भी चुनौती दी जाती है।