हिमाचल : लोकसभा चुनावों के मध्य टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में अभी भी उथल पुथल जारी है। जहां एक तरफ भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की सभी लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों को उतार दिया है। वहीं, कांग्रेस अभी भी अपने उम्मीदवारों का चुनाव करने में उलझी हुई सी नजर आ रही है।
कांगड़ा से बाली, तो हमीरपुर से मुकेश को टिकट!
इस सब के बीच बड़ी खबर ये है कि कांगड़ा संसदीय सीट से आरएस बाली तथा हमीरपुर संसदीय सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता और
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री को चुनाव मैदान में उतरा जा सकता है। गौर रहे कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी स्वयं हमीरपुर जिले से संबंध रखतें हैं और मुकेश अग्निहोत्री ऊना जिला के हरोली से लगातार पांचवी बार के विधायक हैं। उनकी ऊना जिले में अच्छी पकड़ है।
कांग्रेस को मिलेगा हमीरपुर में फायदा
ऐसे में माना जा रहा है कि में मुकेश अग्निहोत्री को हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ाने से कांग्रेस पार्टी को फायदा मिल सकता है। वहीं, आरएस बाली भी कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों में शुमार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस पार्टी से कांगड़ा संसदीय क्षेत्र में टिकट के लिए वो सबसे बड़े दावेदार हैं। अब आने वाले वक्त में यह देखना रोचक होगा कि कांग्रेस हाईकमान किसको चुनावी मैदान में उतारेगी।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने केवल मंडी और शिमला संसदीय सीटों पर ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा की है। मंडी संसदीय सीट से वर्तमान में शिमला ग्रामीण से युवा विधायक और कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह को भाजपा उम्मीदवार अभिनेत्री कंगना रानौत के विपक्ष में उतरा है। वहीं, शिमला संसदीय सीट से विनोद सुल्तानपुरी जो वर्तमान में कसौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, को चुनावी मैदान में उतार दिया है।
समझें, हिमाचल प्रदेश विधानसभा का समीकरण
ऐसे समय में जब हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार द्वारा विधानसभा में संख्याबल जैसे तैसे पूरा किया जा रहा है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस पार्टी अपने कितने विजयी विधायकों को चुनाव मैदान में उतारेगी। गौर रहे कि वर्तमान समय में कांग्रेस पार्टी के पास हिमाचल प्रदेश विधानसभा में केवल 34 विधायकों का समर्थन है।
बीते दिनों कांग्रेस के छ: विधायक व्हिप उलंघन मामलें में दोषी पाए गए थे, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन की सदस्यता से निष्काषित कर दिया था। उसके पश्चात सभी बागी विधायकों ने भाजपा का दामन थाम लिया था। ऐसे में अब लोकसभा चुनावों के साथ-साथ हिमाचल विधानसभा के इन छ: निर्वाचन क्षेत्रों पर भी उपचुनाव होने हैं।
अब यदि इस समय में कांग्रेस अपने चार जीते हुए विधायकों को चुनाव मैदान में उतार देती है, तो उनके जीत जाने के पश्चात फिर से खाली हुई सीटों पर उपचुनाव करवाने पड़ सकतें हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अनिश्चितता बनी रहेगी। बहरहाल, कांग्रेस किन नेताओं को कांगड़ा और हमीरपुर से टिकट देती है। इसका पता कुछ ही दिनों में चल जाएगा मगर तबतक सभी की निगाहें इसी ओर टिकी रहेंगी।