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October 17, 2026
CM सुक्खू ने फिर भरी दिल्ली की उड़ान, सुंदर ठाकुर भी गए साथ, क्या दशहरे से पहले होगा कैबिनेट विस्तार
सीएम सुक्खू का दिल्ली दौरा राजनीतिक गलियारों में बना चर्चा का विषय
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर दिल्ली की उड़ान भरी है, लेकिन इस बार उनकी यह दिल्ली यात्रा बेहद खास और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मुख्यमंत्री सुक्खू इस बार अपने साथ कुल्लू के कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को भी विशेष रूप से दिल्ली ले गए हैं। इस अचानक हुए दौरे के बाद से ही हिमाचल के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
सुक्खू कैबिनेट में लंबे समय से खाली चल रहे एक मंत्री पद को भरने की चर्चा होती रही है। इस मुद्दे पर पहले भी कई बार अटकलें लगीं और मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों के दौरान संभावित विस्तार को लेकर राजनीतिक हलकों में कयास लगाए जाते रहे, लेकिन अब तक कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया। ऐसे में मुख्यमंत्री के साथ सुंदर सिंह ठाकुर का दिल्ली जाना नई चर्चाओं की वजह बन गया है।
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कुल्लू का अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव 21 से 27 अक्तूबर तक आयोजित होना है। 21 अक्तूबर को राज्यपाल उत्सव का शुभारंभ करेंगे, जबकि 27 अक्तूबर को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समापन समारोह में शामिल होंगे। उत्सव से पहले मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे ने इस सवाल को हवा दे दी है कि क्या प्रदेश को दशहरे से पहले नया कैबिनेट मंत्री मिल सकता है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि दिल्ली दौरे का संबंध मंत्रिमंडल विस्तार से है या किसी अन्य राजनीतिक अथवा प्रशासनिक विषय से। सुंदर सिंह ठाकुर के साथ जाने के बाद चर्चाएं जरूर तेज हुई हैं, लेकिन किसी भी संभावित नियुक्ति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल के एक पद को भरे जाने को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरों के साथ इस विषय पर अटकलें भी तेज होती रही हैं। कई बार माना गया कि जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसला हो सकता है, लेकिन हर बार स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। अब मुख्यमंत्री के ताजा दौरे और उनके साथ कुल्लू के विधायक की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को फिर हवा दी है। आने वाले दिनों में इस संबंध में कोई फैसला होता है या नहीं, इस पर प्रदेश की राजनीतिक निगाहें टिकी रहेंगी।
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उधर, हिमाचल प्रदेश में नए जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों जैसी प्रशासनिक इकाइयों के गठन की संभावनाओं पर विचार करने के लिए गठित आयोग की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस धर्मचंद चौधरी और सदस्य विशाल पंवार ने शिमला में अपनी ज्वाइनिंग दे दी है। अब आयोग के एक अन्य सदस्य, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी राजेश शर्मा का कार्यभार संभालना बाकी है। उनके ज्वाइन करने के बाद आयोग के औपचारिक रूप से काम शुरू करने की उम्मीद है।
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राज्य सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए छह महीने का समय दिया है। आयोग प्रदेश में नई प्रशासनिक इकाइयों के गठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगा और निर्धारित अवधि में सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा। एक ओर जहां प्रशासनिक इकाइयों को लेकर आयोग की कार्यवाही आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि दशहरे से पहले कैबिनेट विस्तार पर कोई निर्णय सामने आता है या खाली मंत्री पद को लेकर इंतजार आगे भी जारी रहता है।