शिमला। हिमाचल प्रदेश में कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार के उस बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने गोसदनों को स्लाटर हाउस के रूप में संदर्भित किया था। लोग मंत्री को इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। गोसेवा समिति ने इस बयान को बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
दोषियों को सजा दिलाना सरकार का काम
गोसेवा समिति के सचिव सुनील शर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म में गाय को माता का स्थान प्राप्त है और लोग उसकी पूजा करते हैं। यदि प्रदेश में किसी स्थान पर गाय की हत्या हो रही है तो इसे रोकना और दोषियों को सजा दिलाना सरकार व मंत्री की जिम्मेदारी है।
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हिंदू समुदाय की भावनाओं को पहुंची ठेस
समिति सचिव सुनील शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर मंत्री ने अपना बयान वापस नहीं लिया तो प्रदेश की लगभग 260 गोशालाओं में रह रहे 35,000 गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया जाएगा। साथ ही पशुपालन मंत्री के खिलाफ सड़कों पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री चंद्र कुमार के बयान से हिंदू समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
कई गायों की हुई मृत्यु
समिति ने आरोप लगाया कि यदि कहीं गाय की मृत्यु हुई है तो वह केवल सरकार द्वारा संचालित गो-अभयारण्य में हुई है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करने के लिए कऊ सेंक्चुअरी में 1000 लावारिस बैल भर दिए। जिससे गायों की मृत्यु हो गई।
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सड़कों पर गोवंश की संख्या हुई दोगुनी
समिति ने यह सवाल भी उठाया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने गोशालाओं के सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं। इसकी जानकारी जनता को दी जानी चाहिए। कांगड़ा जिले में सड़कों पर गोवंश की संख्या दोगुनी हो गई है। गोशालाओं के कारण ही कई पंचायतें बेसहारा गोवंश से होने वाले नुकसान से बची हुई हैं।
गोशालाओं के लिए कब बढ़ेगा बजट
उन्होंने यह भी कहा कि CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फरवरी के बजट भाषण में गोशालाओं के लिए बजट बढ़ाने की घोषणा की थी। मगर वह अभी तक पूरी नहीं हुई है। यदि मंत्री ऐसे बयान देते रहेंगे तो कोई भी संस्था गोशाला संचालन के लिए आगे नहीं आएगी।