शिमला: जीवन आगे बढ़ने का नाम है। सफलता यह कभी नहीं कहता कि चुनौतियाँ खत्म हो गई हैं। ताजा उदाहरण हिमाचल प्रदेश का ही देखिए। मुख्यमंत्री सुक्खू चुनाव जीते हैं, सफल होकर आए हैं। सफलता के साथ साथ मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए अब सरकार की नई चुनौतियां सामने खड़ी हैं। सफलता के बाद भी जिम्मेदारियों को निभाना और निरंतर आगे बढ़ना ही जीवन है।
कर्मचारियों ने ही हिमाचल प्रदेश में सरकार बनाई थी और अब उनकी देनदारियां और सेवानिवृत कर्मचारियों की बकाया का भुगतान सरकार के लिए टेढ़ी खीर जैसा होता दिख रहा है। हाईकोर्ट ने सरकार के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को भी एक मामले में नोटिस जारी किया गया है।
इन सभी बाधाओं को पार कर नई राह बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वित्त विभाग की बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में विभाग के सभी आला अधिकारी मौजूद रहेंगे। राज्य सचिवालय में आज शाम चार बजे होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री अधिकारियों से राज्य के खजाने का रिपोर्ट लेंगे। कहां खर्चों में कटौती की जा सकती है और देनदारी चुकाकर कैसे कर्मचारियों की समस्या को हल किया जाए इस पर मंथन किया जाएगा।
हाई कोर्ट ने कर्मचारियों से जुड़ी पाँच मामलों में सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं। इन सभी मामलों की विस्तृत जानकारी के लिए आप यहां क्लिक कर विस्तृत रिपोर्ट देख सकते हैं। हालांकि, आज की बैठक को लेकर इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार इन देनदारी को खत्म करने के लिए ऋण लेने के नए विकल्पों पर भी चर्चा कर सकती हैं।
क्या है सरकार की पाँच सबसे बड़ी चिंता:
- हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि हर हाल में कर्मचारियों को वित्तीय लाभ देने ही होंगे.
- कर्मचारी और सेवानिवृत कर्मचारी को ब्याज सहित बकाया राशि का भुगतान करना होगा।
- छठे वेतन आयोग से संबंधित एक मामले में मुख्य सचिव को हाई कोर्ट का नोटिस
- सेवानिवृत कर्मचारी को एकमुश्त बकाया राशि का भुगतान करना होगा।
- दो मामलों में कोर्ट का आदेश कि आठ साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद दिहाड़ीदार को भी देना होगा पेंशन
ये सभी मामले कर्मचारियों से जुड़े हुए हैं और जिसमें सरकार की कुल देनदारी ___ करोड़ की है। इसको लेकर सरकार ने हाई कोर्ट में सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हमारे पास इतना धन एकमुश्त देने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। जिसे खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को यथाशीघ्र सभी देनदारी चुकाने के दिशानिर्देश दिए हैं।