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June 23, 2026
प्रबंधन से जुड़े सभी कर्मचारियों पर लागू होगा यह आदेश

शिमला। हिमाचल प्रदेश में HRTC कर्मचारियों द्वारा प्रस्तावित हड़ताल से ठीक पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम यानी ESMA लागू कर दिया है। सरकार ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को आम जनता के लिए अत्यंत जरूरी मानते हुए अगले छह महीनों तक या अगले आदेशों तक हड़ताल पर रोक लगाने की अधिसूचना जारी कर दी है।
दरअसल, HRTC चालक-परिचालक और अन्य कर्मचारी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और निगम प्रबंधन से नाराज चल रहे हैं। कर्मचारियों ने लंबित भत्तों, मेडिकल बिलों, ओवरटाइम भुगतान और अन्य वित्तीय देनदारियों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसी बीच सरकार ने सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए कड़ा रुख अपनाते हुए हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में बस सेवाएं केवल यात्रियों की आवाजाही तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, विद्यार्थियों की आवाजाही, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में परिवहन सेवाओं के बाधित होने से लाखों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जारी अधिसूचना के अनुसार, HRTC और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से जुड़े सभी कर्मचारियों पर यह आदेश लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कर्मचारी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हड़ताल में शामिल नहीं हो सकेगा। यदि कोई कर्मचारी या संगठन आदेशों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
उधर कर्मचारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उनका आरोप है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की बजाय सरकार दबाव की राजनीति कर रही है। वहीं सरकार का तर्क है कि जनहित सर्वोपरि है और आवश्यक सेवाओं को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जा सकता।
इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत और कर्मचारी संगठनों में नई बहस छिड़ गई है। अब निगाहें कर्मचारी संगठनों की अगली रणनीति और सरकार के साथ होने वाली संभावित वार्ताओं पर टिकी हैं। यदि दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक तथा प्रशासनिक रूप ले सकता है।