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December 11, 2024

हिमाचल : स्कूली बच्चों से बर्फ में करवाई प्रेयर, माइनस 2° टेंपरेचर में दिलवाया पेपर

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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में सीजन की पहली बर्फबारी से एक ओर जहां लोगों में खुशी की रौनक है। वहीं, दूसरी ओर सिरमौर जिले में स्कूली बच्चों को परेशनियों से दो-चार होना पड़ा। बच्चों के बर्फबारी में कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल पहुंचना पड़ा। साथ ही बर्फ में खड़े होकर प्रार्थना भी करनी पड़ी।

बर्फ पर पैदल चले मासूम

दरअसल, हिमाचल के स्कूलों में परीक्षाओं का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में 6 से 12 साल की उम्र के तकरीबन डेढ़ सौ बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए बर्फीले रास्ते पर 15 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। स्कूली परीक्षा से पहले बच्चों को बर्फ की परीक्षा देनी पड़ी- जो कि बेहद चिंताजनक और हैरानी की बात है। यह भी पढ़ें : हिमाचल : गहरी खाई में गिरी कार, अंदर सवार थे एक ही गांव के तीन लोग- पसरा मातम

बोर्ड की परीक्षाएं शुरू

उल्लेखनीय है कि, बीती 8 और 9 नवंबर को प्रदेश की ऊंची चोटियों में ताजा बर्फबारी हुई है। जिससे सिरमौर जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान माइनस 7 तक गिर गिया है। वहीं, कल से हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की तीसरी और पांचवी कक्षा की बोर्ड की परीक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। साथ ही पहली, दूसरी और चौथी कक्षा में भी पेपर चल रहे हैं।

नहीं चल रही बसें

आपको बता दें कि सिरमौर जिले का हरिपुरधार सेंटर प्राइमरी स्कूल 8003 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस स्कूल में 143 बच्चे पढ़ते हैं। आम दिनों में यह बच्चे स्कूल तक बस के माध्यम से पहुंचते थे। मगर बर्फबारी के बाद सड़कों पर बर्फ जम गई है- जिससे यहां बसें चलनी बंद हो गई हैं। यह भी पढ़ें : HRTC बस में छात्र से हीटर का वसूला किराया, कंडक्टर ने 264 रुपए टिकट काटा

15km चलकर पहुंचे स्कूल

ऐसे में इन स्कूली बच्चों को पेपर देने के लिए स्कूल तक पैदल जाना पड़ा। कड़ाके की ठंड में बच्चे सुबह करीब 6 बजे घर से पैदल निकले और करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने के बाद सर्दी में स्कूल पहुंचे। इस दौरान कुछ बच्चों को उनके परिजनों ने पीठ पर उठाकर स्कूल तक पहुंचाया।

बर्फ में करवाई प्रेयर

बच्चे चार घंटे बर्फ पर पैदल चलकर किसी तरह स्कूल पहुंचे। उधर, स्कूल प्रशासन ने पेपर शुरू होने से पहले थके-हारे बच्चों से बर्फ के ऊपर खड़े होकर प्रेयर करवाई। इसके बाद बच्चों का पेपर लिया। पेपर देने के बाद बच्चे वापस पैदल चलकर घर लौटे। यह भी पढ़ें : हिमाचल : बिना पैसे दिए होटल से भागा पर्यटक, रास्ते में पुलिस ने ऑनलाइन भरवाया बिल

माइनस 2 था टेंपरेचर

बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की छत पर भी बर्फ जमी हुई थी। स्कूल के बाहर 6 से 7 डिग्री तक टेंपरेचर था और स्कूल के अंदर माइनस दो डिग्री टेंपरेचर था। बच्चे पहले से पैदल बर्फ पर चलने के कारण काफी ठंडे हुए थे। ऐसे में उन्हें पेपर लिखने में भी काफी परेशानी हुई। कुछ बच्चे ठंड से बीमार भी पड़ने लगे।

क्यों नहीं बदला समय?

परिजनों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। बर्फबारी के बावजूद भी स्कूलों में परीक्षा का समय क्यों नहीं बदला गया। परिजनों का कहना है कि हरिपुरधार में भी कुल्लू, किन्नौर और लाहौल की तरह नंबर में ही बच्चों की परीक्षाएं ले लेनी चाहिए। यह भी पढ़ें : डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री के विभाग का रिकॉर्ड विजिलेंस ने किया जब्त, जानें क्या है मामला वहीं, हिमाचल के प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि शिक्षा विभाग अभी स्कूलों की छुट्टियों के शेड्यूल में बदलाव कर रहा है। ऐसे में हरिपुरधार स्कूल को लेकर भी विचार किया जाएगा। बच्चों की परीक्षाओं के शेड्यूल में भी बदलाव करने पर फैसला लिया जाएगा।

विंटर और समर क्लोजिंग स्कूल

हिमाचल प्रदेश में दो तरह के स्कूल हैं- समर क्लोजिंग और विंटर क्लोजिंग-
समर क्लोजिंग स्कूल
यह स्कूल मैदानी इलाकों वाले स्कूल हैं- जहां गर्मी बहुत ज्यादा होती है। जैसे कि- मंडी, बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना।इन स्कूलों की कक्षा 1 से 5 तक की वार्षिक परीक्षाएं मार्च-अप्रैल में होती हैं।
विंटर क्लोजिंग स्कूल
यह स्कूल ऊपरी इलाकों वाले स्कूल है- जहां ठंड बहुत ज्यादा होती है और बर्फ पढ़ती है। जैसे कि- शिमला, सोलन, सिरमौर, किन्नौर और लाहौल-स्पीति। इन स्कूलों की कक्षा 1 से 5 तक की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होती हैं।

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