शिमला। हिमाचल प्रदेश को देशभर में देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। मगर बीते कई अरसे से यह प्रदेश नशे का गढ़ बनता जा रहा है। तकरीबन रोजाना सूबे के किसी न किसी पुलिस थाने में नशे से संबंधित मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। इन मामलों में सबसे अधिक चिंता का विषय तो यह है कि, नशे की इस गिरफ्त में नाबालिग बच्चे, युवतियां, महिलाएं, बुजुर्ग कोई भी अछूता नहीं रहा है।
करोड़ों का नशा हुआ है जब्त
प्रदेश भर में पुलिस थानों में ऐसे सैकड़ों केस दर्ज हुए हैं जहां इन सबकी संलिप्तता पाई गई है। इतना ही नहीं पुलिस ने लाखों रुपए का नशा भी जब्त किया है। आज हम आपको बताएंगे कि आखिर पुलिस द्वारा जब्त किए गए इस नशे का क्या किया जाता है या किसे दिया जाता है। हमारे इस लेख में जानिए कि आखिर इस जब्त किए गए नशे को डिस्पोज करने के क्या नियम हैं।
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की जाती है नशे की सैंपलिंग
आपको बता दें कि दुनिया के किसी भी कोने में जब नशा पकड़ा जाता है तो सबसे पहले उस नशे की सैंपलिंग की जाती है। फिर तय मानकों के साथ उसकी फॉरेंसिक जांच कर उसे खत्म करने की तैयारी की जाती है। इसके लिए साल 2015 में फाइनेंस मिनिस्ट्री के डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू की तरफ से ऑर्डर जारी किया गया था।
गायब हो जाती है नशे की खेप
यह ऑर्डर ड्रग्स का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए जारी किया गया था। दरअसल, बहुत बार ऐसा होता है ड्रग को जब्त करने के बाद इसमें काफी मात्रा गायब हो जाती है। इसी सब को रोकने के लिए ड्रग को सेपंलिंग के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा जाता है और फिर उसे नष्ट कर दिया जाता है।
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ऐसे में जब भी पुलिस ड्रग को जब्त करती है तो सबसे पहले उसकी तस्वीरें ली जाती हैं और वीडियोग्राफी की जाती है। साथ ही जब्त कि गए नशे के सबूत मजिस्ट्रेट को सबिट किए जाते हैं और फिर इसे नष्ट करने के ऑर्डर लिए जाते हैं।
कैसे नशा किया जाता है नष्ट?
ड्रग को नष्ट करने के लिए हर राज्य में एक कमेटी बनाई गई होती है। यह कमेटी तय करती है कि ड्रग को कैसे नष्ट किया जाएगा। यह कमेटी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमों का पालन करती है।
इस कमेटी में SP, कस्टम्स एंड सेंट्रल एक्साइज का जॉइंट कमिश्नर और डायरेक्ट्रेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस का जॉइंट डायरेक्ट शामिल होता है। इसके साथ पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी भी हिस्सा होते हैं।
ड्रग को नष्ट करने के लिए बॉयलर का इस्तेमाल किया जाता है-जिसमें 1000 डिग्री तापमान पर इस ड्रग को जला दिया जाता है।
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कब नष्ट किया जाता है ड्रग?
यह ड्रग तभी नष्ट किया जाता है- जब यह एक निश्चित निर्धारित मात्रा में होता है। जैसे-
- हेरोइन- 5 किलो
- चरस- 100 किलो
- हशीश- 20 किलो
- गांजा- 100 किलो
- कोकनी- 2 किलो